जब सौ मासूम मरते होंगे, तब एक कवि पैदा होता होगाJanuary 28, 20131 mins29हाल में ‘संवदिया’ पत्रिका का युवा हिंदी कविता अंक (अतिथि संपादक : देवेंद्र कुमार देवेश) आया है।… continue Reading..
वोल्गा इलाके में भारतीय बस्ती थीJanuary 27, 20131 mins5इन दिनों प्रसिद्ध लेखक पुरुषोत्तम अग्रवाल की पुस्तक ‘हिंदी सराय- अस्त्राखान वाया येरेवान’ की बड़ी चर्चा है.… continue Reading..
अभी-अभी एक सितारा टूटकर गिरा हैJanuary 27, 20131 mins0वेस्टलैंड-यात्रा बुक्स ने जब कहानी 140 यानी ट्विटर कहानी प्रतियोगिता की घोषणा की तो उम्मीद नहीं थी… prabhatcontinue Reading..
अभी-अभी एक सितारा टूटकर गिरा हैJanuary 27, 20131 mins178वेस्टलैंड-यात्रा बुक्स ने जब कहानी 140 यानी ट्विटर कहानी प्रतियोगिता की घोषणा की तो उम्मीद नहीं थी…ब्लॉग continue Reading..
आपको बाइफ़ेस जानता हूँ पर नाम याद नहीं आ रहाJanuary 26, 20131 mins9युवा कवि नीरज शुक्ल की कुछ नई कविताएँ पढ़ी तो उनमें मुझे ताजगी महसूस हुई. आपसे साझा… continue Reading..
श्रीकांत दुबे की कहानी ‘ब्लेड’January 24, 20131 mins15बीच-बीच में कोई अच्छी कहानी कहीं पढ़ता हूं तो आपसे साझा कर लेता हूं. आज आपसे युवा… continue Reading..
नाटक नहीं होना था, नाटक हुआJanuary 22, 20131 mins24२०१३ के रंग महोत्सव में मंटो की जिंदगी पर आधारित ‘अजोका’ की प्रस्तुति के न होने को… continue Reading..
मैं हिंदी साहित्य की एकता हो गया हूँJanuary 22, 20131 mins0कल जब मैं गुलजार साहब का लिखा गीत \’जब एक कज़ा से गुजरो तो इक और कज़ा… prabhatcontinue Reading..
मैं हिंदी साहित्य की एकता हो गया हूँJanuary 22, 20131 mins31कल जब मैं गुलजार साहब का लिखा गीत ‘जब एक कज़ा से गुजरो तो इक और कज़ा…ब्लॉग continue Reading..
जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो इक और क़ज़ा मिल जाती हैJanuary 21, 20131 mins0उम्र से लम्बी सड़कों पर ‘गुलज़ार’ 19 जनवरी की शाम गुलज़ार रही, गुलज़ार के नाम रही। मौक़ा… prabhatcontinue Reading..