पहचानना मुश्किल अब जीवन का चेहराOctober 20, 20121 mins5आज निरंजन श्रोत्रिय की कविताएँ. कवि-संपादक निरंजन श्रोत्रिय की कविताओं में बदलते समय की बेचैन करने वाली… continue Reading..
क्या ‘उसने कहा था’ हिंदी की सर्वश्रेष्ठ प्रेम कहानी है?October 18, 2012August 5, 20251 mins13 १९१५ में प्रकाशित ‘उसने कहा था’ हिंदी की एक ऐसी कहानी है जिसके पाठ में आज…Blog prabhatcontinue Reading..
वे कहानियां नहीं हुई होती अगर मैं स्त्री नहीं होतीOctober 17, 20121 mins9युवा लेखिका कविता का समकालीन हिंदी कथाकारों में अपना खास मुकाम है. उनके आत्मकथ्य के माध्यम से…ब्लॉग continue Reading..
ओ प्यारी मलाला हम बड़े रंज में हैंOctober 14, 20121 mins0मलाला युसुफजई का नाम आज पकिस्तान में विरोध का प्रतीक बन चुका है. हिंदी की कवयित्री अनीता… prabhatcontinue Reading..
ओ प्यारी मलाला हम बड़े रंज में हैंOctober 14, 2012August 5, 20251 mins12 मलाला युसुफजई का नाम आज पकिस्तान में विरोध का प्रतीक बन चुका है. हिंदी की कवयित्री…ब्लॉग prabhatcontinue Reading..
स्त्रियां किसी भी कीमत पर प्रेम नहीं खोना चाहतींOctober 13, 20121 mins10आज प्रीति चौधरी की कविताएँ. प्रीति की कविताएँ विमर्श करती बौद्धिक कविताएँ हैं. कई सन्दर्भों को एक… continue Reading..
क्यों एक फ़िल्म ज़बरन कल्ट साबित होना चाहती है?October 12, 20121 mins638फ़िल्में आती हैं, हफ्ते-दो हफ्ते उनके ऊपर चर्चा होती है, फिर फिल्म विमर्शकार भी उस फिल्म को… continue Reading..
का खाएँ का पिएँ का ले परदेस जाएँOctober 9, 20121 mins0प्रसिद्ध आलोचक-अनुवादक गोपाल प्रधान ने यह लोक कथा भेजते हुए याद दिलाया की आज के सन्दर्भ में… prabhatcontinue Reading..
का खाएँ का पिएँ का ले परदेस जाएँOctober 9, 20121 mins38प्रसिद्ध आलोचक-अनुवादक गोपाल प्रधान ने यह लोक कथा भेजते हुए याद दिलाया की आज के सन्दर्भ में…ब्लॉग continue Reading..