पटना लिटरेचर फेस्टिवल में जो लोग शामिल हुए उनके लिए शायर कलीम आजिज़ को सुनना भी एक यादगार अनुभव रहा.…
बुद्ध की धरती पर ऐतिहासिक बौद्धिक आयोजन
होली से ऐन पहले पटना में विभिन्न भाषाओं के लेखकों का रंगारंग आयोजन रहा पटना लिटरेचर फेस्टिवल. २२ मार्च की…
क्या आप मनोरंजन ब्यापारी को जानते हैं?
मैं भी नहीं जानता था. पहली बार यह नाम अपनी प्रिय लेखिका अलका सरावगी के उपन्यास ‘शेष कादम्बरी’ में पढा…
पटना लिटरेचर फेस्टिवल आज से शुरु
आज से पटना लिटरेचर फेस्टिवल शुरु हो रहा है. ऐतिहासिक शहर में एक ऐतिहासिक आयोजन. दो दिनों तक चलने वाले…
पाकिस्तान समुंदर-ए-कुफ्र में एक रोशन जज़ीरा है!
पाकिस्तान के लेखक हसीब आसिफ के इस लेख की तरफ ध्यान दिलवाया मित्र कवि गिरिराज किराडू ने. जिन्होंने इसे http://hillele.org…
लेखक का एकांत मृत्यु का एकांत होता है
उदय प्रकाश का उपन्यास ‘पीली छतरी वाली लड़की’ पुराना है, लेकिन सुशीला पुरी ने उसके ऊपर बेहद आत्मीय ढंग से,…
पत्रकारिता की शिक्षा गैर-पत्रकार कैसे देते हैं?
कल ‘जनसत्ता’ संपादक ओम थानवी ने प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू के इस कथन के बहाने कि मीडिया में…
\’उम्र से लंबी सड़कों पर\’ गुलजार
गुलजार के गीतों पर केंद्रित विनोद खेतान की पुस्तक आई है \’उम्र से लंबी सड़कों पर\’. इस पुस्तक के बहाने…
‘उम्र से लंबी सड़कों पर’ गुलजार
गुलजार के गीतों पर केंद्रित विनोद खेतान की पुस्तक आई है ‘उम्र से लंबी सड़कों पर’. इस पुस्तक के…
मेरी उँगलियों को जुगनू पहनने पड़ते हैं: मीनाक्षी ठाकुर की कविताएँ
मीनाक्षी ठाकुर की कविताओं में जीवन के एकांत हैं, छोटे-छोटे अनुभव हैं और आकुल इच्छाएं. सार्वजनिक के निजी वृत्तान्त की…



