मुक्तिबोध की एक आरंभिक कहानी \’सौन्दर्य के उपासक\’May 29, 20121 mins0मगहिवि के वेबसाईट हिंदी समय को देख रहा था तो अचानक मुक्तिबोध की १९३५ में प्रकाशित इस… prabhatcontinue Reading..
मुक्तिबोध की एक आरंभिक कहानी ‘सौन्दर्य के उपासक’May 29, 2012August 1, 20201 mins35मगहिवि के वेबसाईट हिंदी समय को देख रहा था तो अचानक मुक्तिबोध की १९३५ में प्रकाशित इस…कथा-कहानी continue Reading..
‘लोकप्रिय’ शब्द सुनते ही बौद्धिक वर्ग के कान खड़े हो जाते हैंMay 28, 20123 mins4हिंदी में लोकप्रिय साहित्य के अध्ययन विश्लेषण के कम ही प्रयास हुए हैं. आम तौर पर उनको… continue Reading..
अपनी निंदा छापने के लिए साहस चाहिएMay 27, 20121 mins8आज जनसत्ता में अपने ‘कभी-कभार’ छपने वाले स्तंभ ‘अनंतर’ में संपादक ओम थानवी ने उस बहस पर… continue Reading..
हिंदी के वरिष्ठ लेखक सार्वजनिक बयान देने से क्यों बचते-डरते है?May 27, 20121 mins0ज्ञानपीठ-गौरव प्रकरण में खूब बहस चली, आज भी चल रही है. आशुतोष भारद्वाज ने उस प्रकरण के… prabhatcontinue Reading..
हिंदी के वरिष्ठ लेखक सार्वजनिक बयान देने से क्यों बचते-डरते है?May 27, 20121 mins6ज्ञानपीठ-गौरव प्रकरण में खूब बहस चली, आज भी चल रही है. आशुतोष भारद्वाज ने उस प्रकरण के…ब्लॉग continue Reading..
भगवत ने लोक की आत्मा से हिंदी को समृद्ध कियाMay 26, 20121 mins7भगवत रावत के साहित्यिक अवदान का मूल्यांकन प्रसिद्ध कवि विष्णु खरे की कलम से- जानकी पुल. ———————————————————————–… continue Reading..
वे लेखक महान हैं जिनके अंत के साक्षी विष्णु जी हैं!May 25, 20121 mins4पिछले दिनों विष्णु खरे का एक पत्र ‘जनसत्ता’ में छपा था. उस पत्र का यह प्रतिवाद लिखा…ब्लॉग continue Reading..
जमाने की रफ्तार के उजाले पर काले सोने की डस्ट चढ़ गई हैMay 24, 20121 mins13शंभु यादव एक कुलवक़्ती कवि हैं, यह बात दुनिया में कितने लोग जानते होंगे? मुझे तो इस… continue Reading..