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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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हिंदी लेखकों का गुस्सा क्या अपने अहं की तुष्टि तक ही होता है?

June 5, 20121 mins14
अभी इतवार को प्रियदर्शन का लेख आया था, जिसमें गौरव-ज्ञानपीठ प्रकरण को अधिक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने…
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मीडिया धीरे-धीरे मनोरंजन बनेगा, कोरा मीडिया नहीं रह जाएगा।

June 4, 20121 mins6
आज सुबह-सुबह युवा और प्रखर मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार का यह लेख पढ़ा. साझा तो तभी करना…
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    \’कथा\’ पत्रिका का पुनर्प्रकाशन

    June 4, 20121 mins0
    \’कथा\’ पत्रिका का नाम आते ही मार्कंडेय जी याद आते हैं. यह खुशी की बात है कि…
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      ‘कथा’ पत्रिका का पुनर्प्रकाशन

      June 4, 20121 mins8
      ‘कथा’ पत्रिका का नाम आते ही मार्कंडेय जी याद आते हैं. यह खुशी की बात है कि…
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      हिंदी के गौरव का सवाल गौरव सोलंकी के सवाल से कहीं ज़्यादा बड़ा है

      June 3, 20121 mins10
      ज्ञानपीठ-गौरव प्रकरण ने हिंदी के कुछ बुनियादी संकटों की ओर इशारा किया है. लेखक-प्रकाशक संबंध, लेखकों की…
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        सावन धान रोपने के मौसम को कहते हैं

        June 2, 20121 mins16
        आज युवा कवि मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ. कुछ खिच्चे अनुभव, कुछ दृश्य, कुछ सच्चाइयां मिथिलेश की…
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          चलन्तिका टीकाओं का पूरा अर्थशास्त्र बदल चुका है

          June 1, 20122 mins0
          संजीव कुमार हमारे दौर बेहतरीन गद्यकार हैं. उनका यह वृत्तान्त एक सिनेमा हॉल के बहाने पटना के…
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            चलन्तिका टीकाओं का पूरा अर्थशास्त्र बदल चुका है

            June 1, 2012July 20, 20202 mins8
            संजीव कुमार हमारे दौर बेहतरीन गद्यकार हैं. उनका यह वृत्तान्त एक सिनेमा हॉल के बहाने पटना के…
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            \’किस्मत\’ आज भी एक प्रासंगिक फिल्म है

            May 31, 20121 mins0
            ज्ञान मुखर्जी की फिल्म \’किस्मत\’ १९४० में रिलीज हुई थी. इसे हिंदी का पहला \’ब्लॉकबस्टर मूवी\’ कहा…
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              ‘किस्मत’ आज भी एक प्रासंगिक फिल्म है

              May 31, 20121 mins10
              ज्ञान मुखर्जी की फिल्म ‘किस्मत’ १९४० में रिलीज हुई थी. इसे हिंदी का पहला ‘ब्लॉकबस्टर मूवी’ कहा…
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