भारत रत्न का अगला कोई हकदार है तो वर्गीज कुरियन

श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन को लेकर श्रद्धांजलियों का दौर थम चुका है. उनके योगदान का मूल्यांकन करते हुए…

भारत रत्न का अगला कोई हकदार है तो वर्गीज कुरियन

श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन को लेकर श्रद्धांजलियों का दौर थम चुका है. उनके योगदान का मूल्यांकन करते हुए…

आलोचना का गल्पित पाठ

संजीव कुमार ऐसे आलोचक हैं जिनकी आलोचना-भाषा सर्जनात्मक गद्य का आनंद देती है. यही लेख देखिये- है तो आलोचना की…

डाह का साहित्यशास्त्र

युवा लेखक आशुतोष भारद्वाज हिंदी के साहित्यिक परिदृश्य पर- जानकी पुल. ===================================================  माहौल इस कदर खौफनाक हिंदी में क़िबला कि…

भैया एक्सप्रेस और चाचा की टिप्पणी

  ‘बया’ पत्रिका का नया अंक अरुण प्रकाश पर एकाग्र है. इसमें मैंने भी अरुण प्रकाश जी के ऊपर कुछ…

हाथी के पीछे भौंकते कुत्ते

हिंदी में गंभीर विमर्श का माहौल खत्म होता जा रहा है, मर्यादाएं टूटती जा रही हैं. अभी कुछ दिन पहले…

जो राष्ट्रीय नहीं है वह क्या अंतरराष्ट्रीय होगा

कल हिंदी दिवस है. हिंदी के आह-वादी और वाह-वादी विमर्श से हटकर मैंने कुछ लिखा है. यह लेख मूल रूप…

हर शहर इसी तरह बहुरुपियों का शहर हुआ करता है

‘दस्तक’ एक किताब है लेकिन जरा हटके है. इसकी लेखिका यशोदा सिंह एक ऐसी लेखिका हैं जो हिंदी की साहित्यिक…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी