कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता हैJanuary 23, 20111 mins0अदम गोंडवी की ग़ज़लों ने एक ज़माने में काफी शोहरत पाई थी. उस दौर की फिर याद… prabhatcontinue Reading..
कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता हैJanuary 23, 20111 mins10अदम गोंडवी की ग़ज़लों ने एक ज़माने में काफी शोहरत पाई थी. उस दौर की फिर याद…ब्लॉग continue Reading..
क्या सचमुच युवा लेखक मुँह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुआ है?January 20, 20111 mins19प्रतिष्ठित पत्रिका ‘कथन’ के नए अंक में परिचर्चा प्रकाशित हुई है नए कहानी आंदोलन की आवश्यकता को… continue Reading..
उसका धन था स्वाधीन कलमJanuary 19, 20111 mins10‘युवा संवाद‘ पत्रिका का नया अंक जनकवियों की जन-शताब्दी पर केंद्रित है. इस अंक का संपादन अशोक… continue Reading..
जयप्रकाश नारायण की एक दुर्लभ कहानी \’दूज का चाँद\’January 17, 20111 mins0कुछ महीने पहले हमने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की कहानी ‘टामी पीर’ को आप तक पहुँचाई थी. बाद… prabhatcontinue Reading..
जयप्रकाश नारायण की एक दुर्लभ कहानी ‘दूज का चाँद’January 17, 20111 mins10कुछ महीने पहले हमने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की कहानी ‘टामी पीर’ को आप तक पहुँचाई थी. बाद…ब्लॉग continue Reading..
विस्मृति के गर्त में अकेले जा रहे हैं हमJanuary 16, 20111 mins15कवि-आलोचक और ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुप्रसिद्धअशोक वाजपेयी आज सत्तर साल के हो गए. इस अवसर… continue Reading..
बग़ैर शब्दों के बोलना है एक भाषा मेंJanuary 15, 20111 mins0पीयूष दईया की कविताओं को किसी परंपरा में नहीं रखा जा सकता. लेकिन उनमें परंपरा का गहरा… prabhatcontinue Reading..
बग़ैर शब्दों के बोलना है एक भाषा मेंJanuary 15, 2011February 25, 20181 mins13पीयूष दईया की कविताओं को किसी परंपरा में नहीं रखा जा सकता. लेकिन उनमें परंपरा का गहरा…ब्लॉग continue Reading..
तोहरे बर्फी ले मीठ मोर लबाही मितवा!January 13, 20111 mins8लोक-गायक बालेश्वर के निधन को लेकर ज्ञानपीठ वाले सुशील सिद्धार्थ से चर्चा हो रही थी तो उन्होंने… continue Reading..