देश छूटकर भी कहाँ छूट पाता है

वरिष्ठ लेखिका सूर्यबाला के उपन्यास ‘कौन देस को वासी: वेणु की डायरी’ की यह समीक्षा समीक्षा लिखी है मधु गुप्ता…

मियाँ मक़सूद अली ‘ख़ुशदिल’ की कहानी

  आज पढ़िए वसी हैदर एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर हैं और जाने-माने ऑनलाइन बुक्स मार्केट्प्लेस उर्दू बाज़ार के संस्थापक हैं। वसी…

कुंदन यादव की कहानी ‘मुखाग्नि’

आज पढ़िए कुंदन यादव की कहानी ‘मुखाग्नि’। कुंदन यादव जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं, फुलब्राइट स्कॉलर के तौर…

प्रेम और मृत्यु और शोक की तरफ गईं कविता

  वरिष्ठ कवयित्री सविता सिंह के कविता संग्रह ‘खोई हुई चीजों का शोक’ पर यह टिप्पणी लिखी है वरिष्ठ लेखिका…

मैं शहर में नहीं शहर मुझमें बस गए!

पूनम दुबे दुनिया के अलग अलग शहरों पर लिखती रही हैं। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन पर पहले भी लिख चुकी…

आज के संकट और हिंदी कहानी: मनोज कुमार पांडेय

  हिंदी कहानी की समकालीन चुनौतियों पर पढ़िए जाने माने कथाकार मनोज कुमार पांडेय का यह लेख- ========================== सबसे पहले…

प्रिया वर्मा की पाँच कविताएँ

आज पढ़िए युवा कवयित्री प्रिया वर्मा की कविताएँ। अंग्रेज़ी से एमए प्रिया वर्मा सीतापुर में रहती हैं और स्वतंत्र लेखन…

दृश्य को अनुभूत करते यात्रा संस्मरण : आँख भर उमंग

राजेश कुमार व्यास के यात्रा-संस्मरण पुस्तक ‘आँख भर उमंग’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक-कवि चन्द्रकुमार ने- =================== जीवन-यापन…

हृषीकेश सुलभ की कहानी ‘तूती की आवाज़’

आज पढ़िए प्रसिद्ध लेखक हृषीकेश सुलभ की कहानी ‘तूती की आवाज़’। करीब 25 साल पहले ‘कथन’ पत्रिका में प्रकाशित यह…

ज्योति नंदा की कहानी ‘मैं एक चाभी ढूँढ रही हूँ’

आज पढ़िए ज्योति नंदा की कहानी। ज्योति नंदा ने कई वर्षो तक विभिन्न हिन्दी  अखबारों में स्वतंत्र लेखन किया। थोडे…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी