पानी की स्मृति और भविष्य की प्यास : कुमारी रोहिणी

फणीश्वरनाथ रेणु जब 'मैला आंचल' या अपनी कहानियों में पूर्णिया के आंचलिक जल-संसार को रचते हैं, तो कोसी और उसकी…

अनुपम मिश्र की उपस्थिति: जयशंकर

प्रसिद्ध पर्यावरणविद, लेखक अनुपम मिश्र जी को, उनके कामों को याद करते हुए यह आत्मीय गद्य लिखा है वरिष्ठ लेखक…

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