मुहर्रम: स्मृति, प्रतिरोध और सत्य की अमर परंपराJune 26, 20261 mins0मुहर्रम को प्रायः एक धार्मिक आयोजन या शोक-परंपरा के रूप में देखा जाता है, लेकिन उसके भीतर…लेख prabhatcontinue Reading..
रेवा अमरकंटक वाली तुम हो भोली भालीJune 23, 20261 mins0युवा लेखिका प्रियंका नारायण नदियों पर, ऐतिहासिक स्थलों पर बहुत डूबकर लिखती हैं। उनका यह लेख माहेश्वर…Blog prabhatcontinue Reading..
मैं वापस आऊँगा: स्मृतियों, प्रेम और बँटवारे के दर्द का सिनेमाई रूपांतरणJune 20, 20261 mins0इम्तियाज़ अली की फ़िल्में, ख़ासकर ‘मैं वापस आऊँगा’ देखकर आप भावनात्मक रूप से उद्वेलित हो जाते हैं।…फिल्म समीक्षा prabhatcontinue Reading..
केदार कानन: फूल बाबू का बंगलाJune 19, 2026June 19, 20261 mins0आज आज हिन्दी-मैथिली के बड़े विजन वाले लेखक राजकमल चौधरी की पुण्यतिथि है। राजकमल के निधन के…स्मरण prabhatcontinue Reading..
पाठक की कहानी एक पाठक की ज़ुबानीJune 17, 20261 mins0लोकप्रिय साहित्य पर हिंदी में अपेक्षाकृत कम गंभीर लेखन हुआ है, जबकि उसके पाठकों की दुनिया बेहद…संस्मरण prabhatcontinue Reading..
आचार संहिताओं का मूल्यांकन करती कविताएँ: हज़ारों निशानJune 16, 2026June 16, 20261 mins0पिछले जून जानकीपुल पर शिवांगी गोयल की कुछ कविताएँ प्रकाशित हुई थीं। और ठीक एक साल बाद…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
‘विचार और वजूद’ लोक की जड़ों में रोपी गई जमीन की हकीकतJune 15, 20261 mins0प्रसिद्ध लेखिका नूर ज़हीर के 2008 में प्रकाशित उपन्यास ‘बड़ उरैये’ के बहाने वैचारिकता के संघर्ष पर…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
एक पोटली में कितने दानेJune 12, 2026June 13, 20261 mins0 हाल ही में आलोक कुमार मिश्र का कविता-संग्रह ‘पोटली के दाने’ प्रकाशित हुआ है। आज इस…Blog prabhatcontinue Reading..
मैं वापस आऊंगा: सरहद के उस पार, याद के इस पारJune 12, 20261 mins0आज इम्तियाज़ अली की फ़िल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ रिलीज़ हुई है। विभाजन की त्रासदी और इटरनल प्रेम…फिल्म समीक्षा prabhatcontinue Reading..
अभय के का ‘नालंदा’June 11, 20261 mins0प्रसिद्ध लेखक और राजनयिक अभय के की किताब ‘नालंदा: विश्व चेतना का उद्गम स्थल’ नालंदा को लेकर…समीक्षा prabhatcontinue Reading..