मैं वापस आऊँगा: स्मृतियों, प्रेम और बँटवारे के दर्द का सिनेमाई रूपांतरण

इम्तियाज़ अली की फ़िल्में, ख़ासकर ‘मैं वापस आऊँगा’ देखकर आप भावनात्मक रूप से उद्वेलित हो जाते हैं। आप उस फ़िल्म…

मैं वापस आऊंगा: सरहद के उस पार, याद के इस पार

आज इम्तियाज़ अली की फ़िल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ रिलीज़ हुई है। विभाजन की त्रासदी और इटरनल प्रेम की थीम को…

बॉर्डर 2- आप देखें और कहें- जय हिंद!

पिछले महीने फ़िल्म आई ‘बॉर्डर 2’. इस फ़िल्म पर रोचक शैली में यह टिप्पणी लिखी है जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय…

हक़: जब सिनेमा अधिकार से सवाल करता है

हाल में ही सुपर्ण वर्मा निर्देशित फ़िल्म आई है ‘हक़’, जो पत्रकार जिग्ना वोरा की किताब ‘बानो: भारत की बेटी’…

जुगनुमा : रूपक और अग्नि की राजनीति

आज पढ़िए फ़िल्म जुगनुमा पर जानी-मानी संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी टिक्कू की यह सारगर्भित टिप्पणी- मॉडरेटर ============================= राम रेड्डी की नई…

उनकी हार नई है ना अपनी जीत नई!

अविनाश दास द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘इन गलियों में’ पर प्रसिद्ध लेखिका कविता ने यह विस्तृत टिप्पणी की है। उनकी लिखी…

प्रेमरत देह में बसे लालित्य का रूपांकन-डेनिएल आर्बिड

  लेबनानी मूल की फ्रेंच फिल्मकार डेनिएल आर्बिड ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित फ्रेंच उपन्यासकार एनी अर्नो के उपन्यास ‘सिम्पल…

भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर

युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो घोष पर उनका…

क्या ‘पुंडलीक’ भारत की पहली फीचर फिल्म थी?

१९१२ में बनी फिल्म ‘पुंडलीक’ क्या भारत की पहली फीचर फिल्म थी? दिलनवाज का यह दिलचस्प लेख उसी फिल्म को…

हिंदी सिनेमा के कुछ भूले बिसरे गीतकार

दिलनवाज़ जब फिल्म-गीतकारों पर लिखते हैं तो हमेशा कुछ नया जानने को मिलता है. इस बार उन्होंने हिंदी सिनेमा के कुछ…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी