हिंदी-मैथिली के सबसे विलक्षण कवि-कथाकार राजकमल चौधरी की कहानी ‘दमयंतीहरण’

आज हिंदी-मैथिली के सबसे विलक्षण कवि-कथाकार राजकमल चौधरी की जयंती है। इस मौक़े पर हम आपके लिए लेकर आए हैं…

किताब की एक अच्छी दुकान कैसी होती है?

आपका कभी ऐसा मन हुआ कि अपनी नौकरी और ऐसे तमाम काम छोड़कर आप किताब की दुकान खोल लें। एक…

‘शासितों की राजनीति’ का अनुवाद और भूमिका

इस साल हिन्दी में एक महत्वपूर्ण पुस्तक का अनुवाद आया। प्रसिद्ध राजनीतिक सिद्धांतकार पार्थ चटर्जी की किताब ‘The Politics Of…

बाबू कुंवर सिंह तोहरे राज बिना…

1857 के जुबानी किस्से अभी हाल में ही रूपा एंड कंपनी से इतिहासकार पंकज राग की पुस्तक आई है 1857–…

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