वनस्पतिशास्त्र में शोध कर रही आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ की इन कविताओं में प्रकृति है, खेत-खलिहान हैं, ऋतु परिवर्तन है। बहुत…
Tag: आकृति विज्ञा अर्पण
मछली मरी हुई से The Dead Fish तक
1960 के दशक में राजकमल चौधरी का उपन्यास मछली मरी हुई प्रकाशित हुआ था। अपने समय से बहुत आगे का उपन्यास…
लोकगीत एक लड़की है: वागीश शुक्ल
युवा कवयित्री आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ का प्रेम-पत्र संग्रह आया है ‘लोकगीत सी लड़की’। सर्वभाषा प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह पर…



