नश्तर खानकाही की चार ग़ज़लेंJuly 10, 20101 mins6नश्तर ख़ानकाही की शायरी में फ़कीराना रक्स है। कुछ-कुछ लोकगीतों की सी छंद, खयाल की सादगी। हिन्दी…ब्लॉग continue Reading..