‘त्रिमाया’ की मायाJanuary 27, 20261 mins0मनीषा कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘त्रिमाया’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक अविनाश कुमार ने। अविनाश कुमार…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
शैलेंद्र: एक किताब के बहाने यादDecember 14, 2025December 14, 20251 mins0पिछले साल आवाज़ की दुनिया के जाने-माने नाम यूनुस ख़ान की किताब आई थी ‘उम्मीदों के गीतकार…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
त्रिमाया: मातृसत्ता और इकोफेमिनिज्म पर एक जीवंत दस्तावेजAugust 6, 20251 mins0मनीषा कुलश्रेष्ठ का उपन्यास आया है ‘त्रिमाया’। जंगल, हाथियों की दुनिया को लेकर लिखे इस उपन्यास पर…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
‘आन्ना कारेनिना’ उपन्यास पर मनीषा कुलश्रेष्ठJune 7, 20251 mins2लियो टॉलस्टॉय का उपन्यास आन्ना कारेनिना 1878 में प्रकाशित हुआ था। प्रेम, यौनाचार, बेवफ़ाई जैसी मूल प्रवृत्तियों…लेख prabhatcontinue Reading..