हमारा देश और पर्यावरण

आज विश्व पर्यावरण दिवस है। इस अवसर पर पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ का यह लेख जो पर्यावरण को लेकर…

‘त्रिमाया’ की माया

मनीषा कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘त्रिमाया’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक अविनाश कुमार ने। अविनाश कुमार उड़ीसा कैडर के…

शैलेंद्र: एक किताब के बहाने याद

पिछले साल आवाज़ की दुनिया के जाने-माने नाम यूनुस ख़ान की किताब आई थी ‘उम्मीदों के गीतकार शैलेंद्र’। राजकमल से…

त्रिमाया: मातृसत्ता और इकोफेमिनिज्म पर एक जीवंत दस्तावेज

मनीषा कुलश्रेष्ठ का उपन्यास आया है ‘त्रिमाया’। जंगल, हाथियों की दुनिया को लेकर लिखे इस उपन्यास पर यह टिप्पणी लिखी…

‘आन्ना कारेनिना’ उपन्यास पर मनीषा कुलश्रेष्ठ

लियो टॉलस्टॉय का उपन्यास आन्ना कारेनिना 1878 में प्रकाशित हुआ था। प्रेम, यौनाचार, बेवफ़ाई जैसी मूल प्रवृत्तियों को लेकर लिखे…

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