इस साल प्रसिद्ध लेखिका अलका सरावगी का उपन्यास आया है ‘कलकत्ता कॉस्मोपॉलिटन: दिल और दरारें’। अलका जी के उपन्यासों में…
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हृषीकेश सुलभ के उपन्यास ‘जूठी गली’ का एक अंश
हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार, उपन्यासकार, नाटककार हृषीकेश सुलभ का नया उपन्यास आया है ‘जूठी गली’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस…
प्रत्यक्षा के उपन्यास ‘शीशाघर’ का एक रोचक अंश
समकालीन लेखकों में प्रत्यक्षा का स्वर सबसे विशिष्ट है। अपनी भाषा, शैली और ऐस्थेटिक सबमें अलहदा। अभी हाल में ही…
शैलेंद्र: एक किताब के बहाने याद
पिछले साल आवाज़ की दुनिया के जाने-माने नाम यूनुस ख़ान की किताब आई थी ‘उम्मीदों के गीतकार शैलेंद्र’। राजकमल से…
‘बीसवीं शताब्दी के तानाशाह’ के बहाने कुछ बातें
हाल में राजकमल प्रकाशन से अशोक कुमार पांडेय की किताब आई है ‘बीसवीं शताब्दी के तानाशाह’। इस किताब को पढ़कर…
‘मृत्यु कविताएँ’ : कृति से साक्षात्कार
अरुण देव समकालीन कविता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। इसी साल उनका कविता संग्रह आया है ‘मृत्यु कविताएँ’। जब से संग्रह…



