मैं वापस आऊँगा: स्मृतियों, प्रेम और बँटवारे के दर्द का सिनेमाई रूपांतरणJune 20, 20261 mins0इम्तियाज़ अली की फ़िल्में, ख़ासकर ‘मैं वापस आऊँगा’ देखकर आप भावनात्मक रूप से उद्वेलित हो जाते हैं।…फिल्म समीक्षा prabhatcontinue Reading..
शुभ्रा पंत कोठारी की कहानी ‘बादलों का गुच्छा’June 17, 20251 mins4आज पढ़िए शुभ्रा पंत कोठारी की कहानी। शुभ्रा दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र पढ़ाती हैं। कविताएँ लिखती हैं।…कथा-कहानी prabhatcontinue Reading..