मैं वापस आऊँगा: स्मृतियों, प्रेम और बँटवारे के दर्द का सिनेमाई रूपांतरण

इम्तियाज़ अली की फ़िल्में, ख़ासकर ‘मैं वापस आऊँगा’ देखकर आप भावनात्मक रूप से उद्वेलित हो जाते हैं। आप उस फ़िल्म…

शुभ्रा पंत कोठारी की कहानी ‘बादलों का गुच्छा’

आज पढ़िए शुभ्रा पंत कोठारी की कहानी। शुभ्रा दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र पढ़ाती हैं। कविताएँ लिखती हैं। यह उनकी पहली…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी