मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है

निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने हुए अनुवाद आपके…

अपर्णा मनोज की कहानी ‘सारंगा तेरी याद में’

अपर्णा मनोज ने कम कहानियां लिखकर कथा-जगत में अपना एक अलग भूगोल रचा है. अछूते कथा-प्रसंग, भाषा की काव्यात्मकता, शिल्प…

अपर्णा मनोज की कहानी ‘द ब्लू प्रिंट’

  उपसंहार से शुरु होने वाली इस कहानी के बारे में वाचिका का कहना है कि यह कहानी नहीं बस…

अपर्णा मनोज की ‘द अनटाईटल्ड स्टोरी’

जैसे अपर्णा मनोज की कविताओं का अपना ही मुहावरा है, उसी तरह उनकी इस कहानी का स्वर. साधा हुआ शिल्प,…

सब ठीक-ठाक ही दीखता है इस अल्लसुबह…

अपर्णा मनोज की कविताओं का मुहावरा एकदम अलग से पहचान में आता है. दुःख और उद्दाम भावनाओं के साथ एक…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी