दुष्यंत की कहानी ‘उलटी वाकी धार’July 9, 20131 mins381हाल में ही युवा लेखक दुष्यंत का कहानी संग्रह पेंगुइन से आया है ‘जुलाई की एक रात’.…ब्लॉग continue Reading..
हवाओं को मनाता हूं परिंदे रूठ जाते हैंMay 28, 20111 mins18आज दुष्यंत की कुछ गज़लें-कुछ शेर. जीना, खोना-पाना- उनके शेरों में इनके बिम्ब अक्सर आते हैं. शायद…ब्लॉग continue Reading..