Skip to content
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

gopal pradhan

0 posts

का खाएँ का पिएँ का ले परदेस जाएँ

October 9, 20121 mins38
प्रसिद्ध आलोचक-अनुवादक गोपाल प्रधान ने यह लोक कथा भेजते हुए याद दिलाया की आज के सन्दर्भ में…
  • ब्लॉग
continue Reading..

Recent Posts

  • मसला वर्गीकरण का नहीं, मेहनताने का था
  • सुरेंद्र मोहन पाठक की निगाह में लिट फ़ेस्ट
  • दूर देश के परिंदे: उजड़ने और बसने के बीच की करुणा का कथानक
  • मनीष यादव की कविताएँ
  • शंकर: अपनी निगाह में

Recent Comments

  1. सफ़दर इमाम क़ादरी on प्रचण्ड प्रवीर का ‘अपना देश’
  2. Dr.Harpreet Kaur on आप मुझे देख सकते हैं? मुझे लगा मैं इनविज़िबल हूँ!
  3. Annana kumar Choubey on हिन्दी की छात्रा होने के नाते मुझे शर्मिंदगी है
  4. नीरज on हिन्दी की छात्रा होने के नाते मुझे शर्मिंदगी है
  5. अनूप शुक्ल on यात्रा वृत्तांत लिखना चाहते हैं तो इस लेख को ज़रूर पढ़ें
You May Have Missed

    यूरी बोत्वींकिन के नाटक \’अंतिम लीला\’ का दूसरा खंड

      होली सिर्फ हिन्दुओं का नहीं हिन्दुस्तान का पर्व है- अब्दुल बिस्मिल्लाह

        लेखक का एकांत मृत्यु का एकांत होता है

        जानकी पुल – A Bridge of World Literature

        जानकी पुल - A Bridge of World Literature

        Facebook Instagram Whatsapp
        जानकी पुल - A Bridge of World Literature 2026. Designed by www.rktechwebsitedesign.com