Posted in फीचर्ड रपट चलन्तिका टीकाओं का पूरा अर्थशास्त्र बदल चुका है Estimated read time 2 min read Posted on June 1, 2012July 20, 2020 by संजीव कुमार हमारे दौर बेहतरीन गद्यकार हैं. उनका यह वृत्तान्त एक सिनेमा हॉल के बहाने पटना के आधुनिक-उत्तर-आधुनिक होने की…