Posted in ब्लॉग ‘कथा’ पत्रिका का पुनर्प्रकाशन Estimated read time 1 min read Posted on June 4, 2012 by ‘कथा’ पत्रिका का नाम आते ही मार्कंडेय जी याद आते हैं. यह खुशी की बात है कि उनकी मृत्यु के…