हिन्दी साहित्य दोहरे संकट से जूझ रहा है: शुभ्रास्था

हिन्दी लेखकों की वर्तमान दशा-दिशा पर यह टिप्पणी लिखी है संस्कृतिकर्मी-सामाजिक कार्यकर्ता शुभ्रास्था ने, जो अपना राजनीतिक परामर्श उद्यम चलाती…

गौतम राजऋषि से कुमारी रोहिणी की बातचीत

आज पढ़ते हैं गौतम राजऋषि से बातचीत। गौतम सेना में कर्नल हैं, हम लोगों के लिए उम्दा शायर हैं, कथाकार…

प्रतिबद्धता की एक अलहदा भाषा का सृजन करता उपन्यास ‘ख़लल’

वरिष्ठ लेखक संतोष दीक्षित का नया उपन्यास ‘ख़लल’ सेतु प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। समकालीन समय के सामाजिक-राजनीतिक बदलावों, सांप्रदायिकता…

विस्मृत नहीं, अमर नायक हैं कुबेरनाथ राय

पिछले दिनों प्रसिद्ध निबंधकार कुबेरनाथ राय के कुछ निबंधों पर प्रचण्ड प्रवीर ने जानकी पुल पर एक लेख लिखा था।…

राजनंदिनी राजपूत की कहानी ‘खरबूज’

ब्यावर, राजस्थान में रहने वाली युवा लेखिका राजनंदिनी राजपूत की यह कहानी इनबॉक्स में आई तो पढ़कर लगा कि साझा…

‘शासितों की राजनीति’ का अनुवाद और भूमिका

इस साल हिन्दी में एक महत्वपूर्ण पुस्तक का अनुवाद आया। प्रसिद्ध राजनीतिक सिद्धांतकार पार्थ चटर्जी की किताब ‘The Politics Of…

प्रेमी प्रेमिका और उनके वो

पल्लवी त्रिवेदी ऑफ़बीट लिखती हैं। कभी विषय तो कभी विधा। अब गद्य-कविता के में लिखी उनकी यह सीरिज़ देखिए- मॉडरेटर…

ध्वनि सिद्धान्त, जेनेरेटिव एआई और हिन्दी पठन-पाठन का भविष्य

जेनेरेटिव एआइ ने समाज के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रभाव डाला है। चिकित्सा विज्ञान, विधि, फाइनेंस, कला, चलचित्र, मैन्युफैक्चरिंग से…

प्रियंका दुबे की कहानी ‘कबूतर की टूटी मुंडी’

वनमाली कथा पत्रिका के फ़रवरी अंक में युवा लेखिका प्रियंका दुबे की कहानी प्रकाशित हुई थी। वह कहानी आज आपके…

संजीव पालीवाल की ‘किताबी बात’- 1

आज प्रसिद्ध लेखक संजीव पालीवाल के स्तंभ ‘किताबी बात’ की शुरुआत कर रहे हैं। इस स्तंभ के माध्यम से हम हर…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी