‘चाणक्य मंत्र’– पुस्तक हाथ में आई तो लगा ही नहीं यह उपन्यास है. शीर्षक से से लगा शायद चाणक्य…
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पुरुषोत्तम अग्रवाल की कहानी ‘चेंग-चुई’
‘प्रगतिशील वसुधा’ के नए अंक में पुरुषोत्तम अग्रवाल की कहानी प्रकाशित हुई है. मूलतः आलोचक पुरुषोत्तम जी ने कविताएँ भी…
प्रेमचंद और उनकी लिखी फ़िल्म ‘मजदूर’
आज महान लेखक प्रेमचंद की जयंती है. इस अवसर उनकी लिखी फिल्म ‘मजदूर’ के बारे में दिलनवाज का यह दिलचस्प…
चलन्तिका टीकाओं का पूरा अर्थशास्त्र बदल चुका है
संजीव कुमार हमारे दौर बेहतरीन गद्यकार हैं. उनका यह वृत्तान्त एक सिनेमा हॉल के बहाने पटना के आधुनिक-उत्तर-आधुनिक होने की…
मुक्तिबोध की एक आरंभिक कहानी ‘सौन्दर्य के उपासक’
मगहिवि के वेबसाईट हिंदी समय को देख रहा था तो अचानक मुक्तिबोध की १९३५ में प्रकाशित इस कहानी पर ध्यान…
रवीन्द्रनाथ के मिथिला से आत्मीय सम्बंध थे- बुद्धिनाथ मिश्र
आज रवीन्द्र जयंती है. उनके जीवन-लेखन से जुड़े अनेक पहलुओं की चर्चा होती है, उनपर शोध होते रहे हैं. एक…
नामवर सिंह पर कमलेश्वर का लेख
आज मूर्धन्य आलोचक नामवर सिंह की जयंती है. आज भी हिंदी की सबसे बड़ी पहचान नामवर सिंह ही हैं. यह…
स्वदेश दीपक होना और होकर खो जाना
स्वदेश दीपक पिछले आठ साल से लापता हैं. अभी कुछ लोगों ने फेसबुक पर उनको ढूंढने की मुहिम चलाई है जिसका…
भगत सिंह और रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के नाम दो कविताएँ
शहीदी दिवस पर विपिन चौधरी की कविताएँ- जानकी पुल. ————————————————————- १.शहीद–ए-आज़म के नाम एक कविता उस वक़्त भी होंगे तुम्हारी…
सुकमा के जंगल में काली धातु चमकती है
प्रसिद्ध पत्रकार आशुतोष भारद्वाज ने 2012 में छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में रहते हुए वहां के अनुभवों को डायरी के…



