भविष्य का समाज: सहजीविता के आयाम: जसिंता केरकेट्टा

    जसिंता केरकेट्टा कवयित्री हैं, आदिवासी समाज की मुखर आवाज़ हैं। राजकमल स्थापना दिवस के आयोजन में 28 फ़रवरी…

किस्सागोई : वाचिक परंपरा का नया दौर:हिमांशु बाजपेयी

राजकमल स्थापना दिवस पर आयोजित ‘भविष्य के स्वर’ में एक वक्तव्य प्रसिद्ध दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी का भी था। हिंदुस्तानी की…

हजारों वर्ष बाद भी स्त्रियों की स्थिति में बहुत बदलाव नहीं आया है

  आशा प्रभात मेरे गृह नगर सीतामढ़ी में रहती हैं और अपने लेखन से उन्होंने बड़ी पहचान बनाई है। सीता…

कृष्ण बलदेव वैद की कहानी ‘कलिंगसेना और सोमप्रभा की विचित्र मित्रता’

  कृष्ण बलदेव वैद की कहानियों का एक अनोखा संकलन है ‘बदचलन बीवियों का द्वीप’, इसमें उन्होंने कथासरित्सागर की कुछ…

कमला दत्त की कहानी ‘बँटवारा’

कमला दत्त ने 1970-80 के दशक में कहानियाँ लिखीं, जो धर्मयुग, सारिका, कहानी, हंस जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई। बाद…

प्रवीण कुमार झा की पुस्तक ‘वाह उस्ताद’ का एक रोचक अंश

  प्रवीण कुमार झा की नई किताब आई है ‘वाह उस्ताद’, जिसमें हिंदुस्तानी संगीत घरानों के क़िस्से हैं। हिंदी में…

गीताश्री के उपन्यास ‘वाया मीडिया-एक रोमिंग कोरेस्पोंडेंट की डायरी’ का एक अंश

  गीताश्री को वरिष्ठ लेखिका कहूँ या युवा लेखिका? उनके लेखन का कैरियर लम्बा है और उनके अंदर युवाओं सा…

मिखाइल बुल्गाकोव के लघु उपन्यास का अनूदित अंश ‘ज़िंदा पॉरिज’

  रशियन भाषा के प्रसिद्ध लेखक मिखाइल बुल्गाकोव को ‘मास्टर एंड मार्गरीटा’ के लेखक के रूप में जाना जाता है, उनके एक…

हम क्या से क्या नहीं कर गुजरते हैं अपने प्रॉमिस लैंड की तलाश में!

  पूनम दुबे के यात्रा-संस्मरणों का अपना ही मज़ा है। हर बार उनके लिखे में एक न एक कहानी होती…

गिरधर राठी की कुछ कविताएँ

  वरिष्ठ लेख़क संपादक गिरधर राठी की संपूर्ण कविताओं का प्रकाशन हुआ है। यह प्रकाशन रज़ा पुस्तकमाला के अंतर्गत संभावना…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी