कर्ज के जाल में फंसकर किसानों के मजदूर बनते जाने की पीड़ा को प्रेमचंद ने अपने उपन्यास ‘गोदान’ में उकेरा…
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अमृत रंजन की नई कविताएं
अमृत रंजन की कविताएं तब से पढ़ रहा हूँ जब वह कक्षा 6 में था. अब वह कक्षा 7 में…
हिमालय न देखा हो तो ‘दर्रा दर्रा हिमालय’ पढ़ लीजिए
‘दर्रा दर्रा हिमालय’ ऐसी किताब नहीं है जिसमें हिमालय की गोद में बसे हिल स्टेशनों की कहानी हो, जिसे पढ़ते…
ओमा शर्मा की ‘अदब से मुठभेड़’
आज लेखक ओमा शर्मा की पुस्तक ‘अदब से मुठभेड़’ का लोकार्पण है. हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित इस पुस्तक में राजेन्द्र…
लव जेहाद बनाम दिलजलियां
सदफ़ नाज़ धनबाद में रहती हैं, पत्रकारिता करती हैं. ‘लव जिहाद’ पर सोचने बैठी तो ऐसा व्यंग्य लिख गई कि…
बादल रोता है बिजली शरमा रही
जब सीतामढ़ी में था तो नवगीत दशक-1 को साहित्य की बहुत बड़ी पुस्तक मानता था. एक तो इस कारण से…
गुलजार की पहुँच हर पीढ़ी, हर दिल तक है!
गुलजार शायद ऐसे अकेले लेखक-कलाकार हैं जिनसे हर उम्र, हर सोच के लोग गहरे मुतास्सिर हैं. जीते जी वे एक…
देशभक्ति गीत और उनके गीतकार
हर साल आजादी के दिन हम कुछ देशभक्ति की बातें कर लेते हैं, कुछ गीत गा-सुन लेते हैं मगर उन…
भारतेंदु हरिश्चंद्र पर गोपाल राम गहमरी
भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाटकों और उनके मंचन के प्रभाव को लेकर 19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध लेखक गोपाल राम गहमरी ने…
अमृत रंजन की कविताएं
जनवरी में हमने डीपीएस पुणे में कक्षा छह में पढने वाले बालक अमृत रंजन की कविताएं प्रकाशित की थी. अब…



