चंद्रा गुरुंग नेपाली भाषा के कवि हैं। बहरीन में रहते हैं और मूल रूप से नेपाली भाषा में लिखने के…
उपासना के उपन्यास ‘डेस्क पर लिखे नाम’ का एक अंश
उपासना समकालीन कथाकारों में सुपरिचित नाम हैं। अभी हाल में ही उनका बाल उपन्यास ‘डेस्क पर लिखे नाम’ प्रकाशित हुआ…
हिन्दी रंगपरिदृश्य और नाट्यालेखन:हृषीकेश सुलभ
हृषीकेश सुलभ को कथाकार-उपन्यासकार के अलावा हम सब नाटककार और रंगकर्म विशेषज्ञ के रूप में दशकों से जानते रहे…
विद्यार्थी कवि निर्वाण योगऋत की कविताएँ
हिंदी कविता की विविधता भाषा में भी दिखाई देती है। बिहार के भोजपुर अंचल के कवि निर्वाण योगऋत की इन…
राकेश तिवारी की कहानी ‘चिट्टी जनानियाँ’
कुमाऊँ के परिवेश पर राकेश तिवारी की दो कहानियाँ ऐसी हैं जो मुझे बहुत पसंद हैं- एक तो ‘मुचि गई…
यतीश कुमार द्वारा ‘मैला आँचल’ की काव्यात्मक समीक्षा
युवा कवि यतीश कुमार की काव्यात्मक समीक्षाओं के क्रम में इस बार पढ़िए रेणु के उपन्यास ‘मैला आँचल’ पर उनकी…
मिखाइल बुल्गाकोव की कहानी ‘देसी दारू का तालाब’
कल महान रूसी लेखक मिखाइल बुल्गाकोव की 80 वीं पुण्यतिथि थी। उनकी इस व्यंग्य रचना का मूल रूसी भाषा…
जौन एलिया का लेख ‘मर्द बुर्का ओढ़ें’
जौन एलिया के इस लेख का अनुवाद किया था इरशाद ख़ान सिकंदर ने। उन्होंने इस लेख का लिप्यंतरण नहीं किया…
डेनिश औरतें अनगिनत कन्वेंशनल बक्सों से आज़ाद हैं!
पूनम दुबे के यात्रा वृत्तांत हम पढ़ते रहे हैं, उनक एक उपन्यास ‘चिड़िया उड़’ प्रकाशित हो चुका है। इस बार…
पेशेवर हूँ सर, पेशेवाली नहीं!
नीलिमा चौहान की पतनशील सीरिज़ हिंदी के स्त्री विमर्श की जड़ता को तोड़ने वाली किताबें हैं। पतनशील पत्नियों के नोट्स…



