आज कल सेना, सैनिक, शहादत की बड़ी चर्चा है. लेकिन क्या कोई यह सोचता है सैनिक मन में क्या चाहता…
एजाज अहमद: पश्चिम की‘थ्योरी’ और तीसरी दुनिया का साहित्य
एजाज अहमद का नाम 90 के दशक में थ्योरी, आलोचना के सन्दर्भ में खूब लिया जाता था. आजकल गंभीर विमर्शों,…
उपासना झा की कहानी ‘महुआ घटवारिन’
उपासना झा ने हाल के दिनों में कविता, अनुवाद जैसे क्षेत्रों में अपनी जबर्दस्त रचनात्मक पहचान दर्ज करवाई है. आज…
खदेरू की चिंगचांग और जुब्बा ख़ाला के चीनी बर्तन
चीनी सामानों के बहिष्कार की देशभक्ति का दौर है, दीवाली आ गई है मन मेन ऊहापोह है बिजली के चीनी…
हिंदी में एकांगी मीडिया मंथन
अरविंद दास ने जेएनयू से मीडिया पर पीएचडी कर रखी है। मेरे जानते हिन्दी में मीडिया पर जो गिनी चुनी…
निर्मल को पढने से मन निर्मल हो जाता है
आज महान लेखक निर्मल वर्मा की पुण्यतिथि है. लेखिका दिव्या विजय ने उनके लिखे किरदारों को नाटक में जीने के…
सोनाली मिश्र की कहानी ‘चिड़िया की उड़ान’
हिन्दी लेखिकाओं पर यह आरोप लगाया जाता है कि वे राजनीतिक कहानियाँ नहीं लिख सकती। युवा लेखिका सोनाली मिश्र की…
नॉर्वे में हूँ, निर्मल वर्मा की ‘परिंदे’ याद आ रही है!
नॉर्वे प्रवासी डॉक्टर-लेखक प्रवीण कुमार झा के व्यंग्य हम पढ़ते रहे हैं लेकिन यह व्यंग्य नहीं है. 25 अक्टूबर को निर्मल…
दीवानों के देश में एक क्रिकेट मैच
भारत में क्रिकेट मैच देखना भी एक अनुभव होता है. अभी हाल में ही दिल्ली में संपन्न हुए एकदिवसीय क्रिकेट…
हबीब जालिब की नज़्म ‘लता’
यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘लता सुर गाथा’ पढ़ रहा था तो उसमें इस बात के ऊपर ध्यान गया कि इंकलाबी…



