आजकल कवियों के लिए अभिव्यक्ति के इतने माध्यम हो गए हैं कि मेरे अनेक प्रिय कवि संयम खोकर रोज की…
विवेक निराला की कविताएं
कल विवेक निराला का जन्मदिन था. विवेक की कविताओं की चर्चा नहीं होती है. उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि की चर्चा बहुत…
मैं भारतीय हूँ, और मैं रेफूजी नहीं
दिल्ली के इरविन हॉस्पिटल से पढाई करने के बाद प्रवीण कुमार झा अमेरिका में चिकित्सक बने. आजकल नॉर्वे में हैं.…
‘बनमाली गो तुमि पर जनमे होइयो राधा’
गरिमा श्रीवास्तव प्रोफ़ेसर हैं और बहुत अच्छी लेखिका हैं. यह उनके इस यात्रा वृत्तान्त को पढ़ते हुए अहसास होता…
पुरानी लुगदी, नया पॉपुलर और सोशल मीडिया
‘आजकल’ पत्रिका के जुलाई अंक में मेरा यह लेख प्रकाशित हुआ है जो सोशल मीडिया के बहाने हिंदी के नए…
पुरस्कृत उपन्यास ‘डार्क हॉर्स’ का एक अंश
2016 का युवा साहित्य अकादेमी पुरस्कार नीलोत्पल मृणाल के उपन्यास ‘डार्क हॉर्स’ को दिया गया है. यह युवा रचनाशीलता के…
‘धनक’ में जीवन का इन्द्रधनुष है
‘उड़ता पंजाब’ के हल्ले में नागेश कुकनूर की फिल्म ‘धनक’ की चर्चा ही नहीं हुई. आज लेखक रवि बुले की…
उड़ते-उड़ते इस फिल्म की जान भी उड़ गयी
‘उड़ता पंजाब’ फिल्म को लेकर लोगों ने ऐसे लिखा जैसे सोशल एक्टिविज्म कर रहे हों. फिल्म का ठीक से विश्लेषण…
क्रूरता क्या बीमारी है?
आज जाने माने लेखक, पत्रकार, कार्टूनिस्ट राजेंद्र धोड़पकर का लेख आया है ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में .क्रूरता के मनोविज्ञान को लेकर.…
बुजुर्गों की अहमियत का संदेश फिल्म ‘रूई का बोझ’
चंद्रकिशोर जायसवाल के उपन्यास ‘गवाह गैरहाजिर’ पर सुभाष अग्रवाल ने एक फिल्म बनाई थी रुई का बोझ’. उसी फिल्म पर…



