‘आजादी मेरा ब्रांड’– कायदे से मुझे इस किताब पर जनवरी में ही लिखना चाहिए था. जनवरी में विश्व पुस्तक मेले…
‘पापा, डायवोर्स क्या होता है?’
यह मेरी नई लिखी जा रही किताब का एक अंश है. पढ़कर राय दीजियेगा- प्रभात रंजन ============================================================ डायवोर्स ‘पापा, डायवोर्स…
बीवी हूं जी, हॉर्नी हसीना नहीं
सुपरिचित लेखिका नीलिमा चौहान आजकल ‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’ लिख रही हैं. एक नए तरह का गद्य, देखने का…
‘हिंदी महोत्सव’ ने कई मिथ तोड़े हैं
पिछले रविवार की बात है. आज सुबह सुबह याद आ रही है. ‘वाणी फाउंडेशन’ और ऑक्सफोर्ड बुक स्टोर ने पिछले…
मौलश्री कुलकर्णी की कविताएं
आज मौलश्री कुलकर्णी की कविताएं. पेशे से इंजीनियर मौलश्री नाटकों में भाग लेती रही हैं, 8 वीं क्लास से कविताएं लिख रही…
अमृत रंजन की ‘पांचवीं क्लास की डायरी’
अमृत रंजन की कवितायेँ हम जानकी पुल पर तब से पढ़ रहे हैं जब वह पांचवीं कक्षा में था. अब…
क्यों जाएँ ‘जय गंगाजल’ देखने?
आज महाशिवरात्रि है. आज ‘जय गंगाजल’ फिल्म की समीक्षा पढ़िए. प्रकाश झा की फिल्म है, मानव कौल की एक्टिंग है,…
प्रकृति करगेती की कहानी ‘प्यार का आकार’
बहुत सहज कहानी है, बिना किसी अतिरिक्त कथन के. हाँ, आप चाहें तो उसकी ओवररीडिंग कर सकते हैं. कहानी में…
कृष्ण कुमार का लेख ‘विश्वविद्यालय का बीहड़’
इन दिनों विश्वविद्यालयों की स्वायत्तात का मुद्दा जेरे-बहस है. इसको लेकर एक विचारणीय लेख कृष्ण कुमार का पढ़ा ‘रविवार डाइजेस्ट’…
भावना शेखर की कविताएं
भावना शेखर हिंदी कविता में पटना की आवाज हैं. केंद्र में परिधि की आवाज. कविता के उन मुहावरों से मुक्त…



