रांची में रहने वाले जोशीले पत्रकार संजय कृष्ण की सम्पादित पुस्तक आई है ‘गोपालराम गहमरी के संस्मरण’, जिसका प्रकाशन दिल्ली…
कटुता के माहौल में कुछ प्रेम कविताएं
माहौल में कटुता बढ़ जाए तो मैं कविताएं पढता हूँ. अच्छी कविताएं पढने को मिल जाएँ दिल को बड़ा सुकून…
अपनी निरर्थकता में संदिग्ध अस्वीकार
उदय प्रकाश ने जब से साहित्य अकादेमी पुरस्कार लौटाने की घोषणा की है बहस का सिलसिला थमता नजर नहीं आ…
उनकी हँसी एक नाचीज लेखक पर शक्तिशालियों की हँसी है!
उदय प्रकाश द्वारा साहित्य अकादेमी पुरस्कार वापस करने की घोषणा पर अनेक तरह की प्रतिक्रियाएं आई. अधिकतर विद्वानों ने उनके…
यह अवसर वाद-वाद खेलने का नहीं है मिलकर प्रतिवाद करने का है!
कन्नड़ लेखक कलबुर्गी की नृशंस हत्या ने एक ऐसा अवसर पैदा किया है कि हिंदी लेखक वाद-वाद खेलने में जुट…
फर्नलोज- मसूरी की स्मृति
नीता गुप्ता कम लिखती हैं लेकिन उनके यात्रा वृत्तांतों का अपना अलग ही अंदाज है, मसूरी के जुड़ी यादों का…
प्रेम, जूनून, जाति, व्यवस्था और ‘मांझी’
फिल्म ‘मांझी: द माउन्टेनमैन’ की कई समीक्षाएं पढ़ी. युवा लेखिका विभावरी की यह टिप्पणी उस फिल्म पर सबसे सम्यक लगी,…
भार से अधिक लड़ना पड़ा हल्केपन से
आज कुछ कविताएं अच्युतानंद मिश्र की. युवा कविता में अच्युतानंद मिश्र का नाम जाना पहचाना नाम है. गहरे राग से…
कृपया मातृत्व का झूठा महिमा मंडन न करें
वैचारिक मासिक रविवार के अगले अंक में मातृत्व को ले कर एक रोचक बहस आ रही है। सविता पाठक का…
‘हम, तुम और वो ट्रक’ अनुवाद की उपलब्धि की तरह है
चीनी लेखक मो यान को 2012 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला तो उनके उपन्यासों की मांग चीन के बाहर…



