हिंदी प्रवासी कहानी के एक तरह से पर्याय बन चुके तेजेंद्र शर्मा ग़ज़लें भी लिखते हैं हाल में ही पता…
सानदार प्रेम, जबरजस्त पहाड़ और जिंदाबाद नवाज़!
फिल्म ‘मांझी: द माउन्टेनमैन’ की एक बढ़िया समीक्षा युवा लेखक नवल किशोर व्यास ने लिखी है. फिल्म के हर पहलू…
जगजीत सिंह की जीवनी ‘बात निकलेगी तो फिर’ का एक चुनिन्दा अंश
हाल में ही ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह की जीवनी आई है. सत्या सरन की लिखी यह जीवनी ‘बात निकलेगी तो…
हरेप्रकाश उपाध्याय की टटकी कविताएं
हिंदी कविता के कई स्वर हैं. समकालीन कविता की कई आवाजें हैं. एक आवाज हरेप्रकाश उपाध्याय की भी है. उनकी…
इस साल की मेरी सबसे प्रिय कहानी ‘बारिश, धुआँ और दोस्त’
इस साल पढ़ी गई कहानियों में जिस कहानी का असर मेरे ऊपर सबसे गहरा रहा वह कहानी है प्रियदर्शन की…
मंजरी श्रीवास्तव की प्रेम कविताएं
ms प्रेम कविताएं लिखना सबके वश में नहीं होता है, लिखते हुए उच्छल भावुकता से खुद को बचा पाना बहुत…
कुछ कविताएं आजादी के नाम
आज स्वतंत्रता दिवस पर आजादी की कुछ कविताओं के साथ जानकी पुल की तरफ से सभी आजादी मुबारक. कवि हैं…
मेरी नई कहानी ‘यार को मैंने जाबजा देखा…’
आज अपनी ही नई कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ जो एक कथा श्रृंखला का हिस्सा है- प्रभात रंजन =============================================================== …
मलाला की कहानी से प्रेरणा मिलती है
मलाला युसुफजई की आत्मकथा ‘आई एम मलाला: द गर्ल हू स्टुड अप फॉर एजुकेशन एंड वाज शॉट बाय तालिबान’ पर…
दलित विमर्श की सीमा या सवर्ण सोच की सीमा?
पिछले दिनों किन्हीं अमरनाथ ने जनसत्ता में दलित विमर्श की सीमा शीर्षक लेख लिखा था. युवा लेखक, अध्येता आकाश कुमार…



