हिंदी में किताबों की दुनिया का विस्तार हो रहा है. यह बड़ी सुखद बात है. लेकिन कंटेंट को लेकर घालमेल…
मनोहर श्याम जोशी और सोप ऑपेरा के आखिरी दिन!
कल यानी 30 मार्च को हिंदी में अपने ढंग के अकेले लेखक मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि है. देखते देखते…
कमल जीत चौधरी की कविताएं
जम्मू-कश्मीर के कवि कमल जीत चौधरी की आवाज हिंदी कविता में सबसे जुदा है. वे कविताओं में उन कोमल भावनाओं…
जेंटलमैन लेखक थे विजय मोहन सिंह
विजय मोहन सिंह नहीं रहे. यह सुनते ही सबसे पहले मन हिन्दू कॉलेज होस्टल के दिनों में वापस चला गया.…
हिंदी सिनेमा की नई ‘क्वीन’
कल घोषित सिनेमा के राष्ट्रीय पुरस्कारों में ‘क्वीन’ फिल्म के लिए कंगना रानावत को सर्वश्रेष्ठ नायिका का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला…
वक्त लिखता रहा चेहरे पर हर पल का हिसाब
लेखिका अनु सिंह चौधरी की की दूसरी किताब ‘मम्मा की डायरी’ हिंदी में अपने ढंग की पहली किताब है. रिश्तों…
‘हमारे प्यार से इस शहर को कभी जुदा मत करना’
मेरे जानते यह रवीश कुमार की लिखी किताब ‘इश्क में शहर होना’ की सबसे अच्छी समीक्षा है. जब कोई विद्वान्…
प्रियंका दुबे की कहानी ‘माय लेफ्ट फुट’
प्रियंका दुबे की पत्रकारिता से हम सब परिचित हैं. यहाँ आज आपके लिए उनकी एक छोटी सी कहानी, जिसके बारे…
हास्य रस और विश्व सिनेमा
प्रचण्ड प्रवीर बहुत दिनों से रस सिद्धांत के आधार पर विश्व सिनेमा का अध्ययन कर रहे हैं. इस बार हास्य…
आप याद आएंगे आलोक जैन!
शहरयार को अमिताभ बच्चन के साथ ज्ञानपीठ पुरस्कार देते आलोक जैन श्री आलोक प्रकाश जैन का जाना हिंदी सेवी व्यापारियों…



