आजादी से पहले के दौर में अंग्रेजों ने किस तरह क्रिकेट के खेल का राजनीतिक इस्तेमाल किया इसको समझने के…
देशभक्ति गीत और उनके गीतकार
हर साल आजादी के दिन हम कुछ देशभक्ति की बातें कर लेते हैं, कुछ गीत गा-सुन लेते हैं मगर उन…
किस्मत के मारे यह काबिल सितारे
आज सैयद एस. तौहीद ने कुछ गुमनाम फ़िल्मी सितारों पर लिखा है. आपको कुछ नाम याद आयें तो आप भी…
झुकी पलकें पलटकर लिखतीं एक ऐसे महान अभिनय का शिलालेख
अच्छी कविताएं हमारी स्मृतियों में रह जाती हैं. करीब 15 साल पहले हिंदी के चर्चित कवि दिनेश कुशवाह ने फिल्म…
मनोहर श्याम जोशी से वह मेरी पहली मुलाकात थी
आज मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो 81 साल के होते. उनकी स्मृति को प्रणाम करता हूँ और उनके ऊपर…
क्या सचमुच अच्छे अनुवादक नहीं हैं?
सी-सैट को समाप्त करने के लिए युवाओं के आन्दोलन के पीछे एक बड़ा तर्क अनुवाद के सम्बन्ध में दिया जा…
भयावह फिल्मों का अनूठा संसार
प्रचण्ड प्रवीर विश्व सिनेमा पर सीरिज लिख रहे हैं. यह दूसरी क़िस्त है ‘हॉरर’ फिल्मों पर. इस लेख में न…
प्राण के निधन के साथ हम सबका बचपन हमसे छिन गया
चाचा चौधरी, साबू, श्रीमती जी, पिंकी, चन्नी चाची और राका जैसे किरदारों के रचयिता कार्टूनिस्ट प्राण के जाने से हमारे…
दलाल की बीवी की आंखें
कुछ लेखक परम्परा निर्वाह करते हुए लिखते हैं, कुछ अपनी परम्परा बनाने के लिए. रवि बुले ऐसे ही लेखक हैं.…
कुछ इज़रायली कविताएँ प्रभात रंजन के अनुवाद में
इजरायल के कुछ कवियों की कविताओं के मैंने अनुवाद किये थे. आज उनमें से कुछ ‘दैनिक हिंदुस्तान’ में प्रकाशित हुए…



