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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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एक अदभुत प्यार की कहानी: चार्ली चैपलिन की फिल्म ‘सिटी लाइट्स’

February 5, 20141 mins11
चार्ली चैपलिन की फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ पर एक सुंदर लेख लिखा है सैयद एस तौहीद ने- जानकी पुल।…
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    या पलासन कौन ने आगि लगाई

    February 4, 20141 mins6
    आज वसंतपंचमी है तो याद आया विद्यानिवास मिश्र का यह लेख ‘ऋतुराज का आगमन’. इसलिए भी याद…
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      आलोचना का अर्थ चरित्र हनन नहीं होता

      February 3, 20141 mins131
      तहलका पत्रिका के संस्कृति विशेषांक में शालिनी माथुर का लेख छपा था ‘मर्दों के खेला में औरत का…
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        आनंद नगर में कुछ घंटे आनंद के

        February 3, 20141 mins9
        युवा पत्रकार-लेखक पुष्यमित्र ने हाल में ही कोलकाता की यात्रा की और उस यात्रा का एक रोचक…
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          भेड़चाल और हुआं-हुआं

          February 2, 2014August 5, 20251 mins262
          आज कुछ कवितायें अनुराग अन्वेषी की। अखबार में शब्दों का सम्पादन करने वाले अनुराग अपनी कविताओं में…
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          यह किताब बदलते परिवेश और इच्छाओं का डॉक्यूमेंट है

          February 1, 20141 mins13
          कल पंकज दुबे के उपन्यास ‘लूजर कहीं का’ का दिल्ली लांच था। एक तीसरे दर्जे के अभिनेता…
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            उड़ना नहीं सीखा था मैंने अपनी माँ की कोख में

            January 31, 2014August 28, 20181 mins198
            डीपीएस पुणे में कक्षा छह में पढ़ने वाले अमृत रंजन ने हमें अपनी कवितायें भेजी तो मैं…
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              फिल्म का बनना एटनबरो की मुहब्बत की विजय भी थी

              January 30, 20141 mins10
              आज महात्मा गांधी को याद करने का दिन है। रिचर्ड एटनबरो ने उनके ऊपर फिल्म बनाई थी।…
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                ‘अपने अपने अज्ञेय’ निस्‍संदेह विरल और औपन्‍यासिक है

                January 28, 20141 mins11
                अज्ञेय के जन्मशताब्दी वर्ष में उनके मूल्यांकन-पुनर्मूल्यांकन के अनेक प्रयास हुए। अनेक पुस्तकें उस साल आई। लेकिन…
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                  क्या रवीन्द्रनाथ को बांग्ला का शिवराम कारंत कहना चाहिए?

                  January 27, 20141 mins10
                  आज रामचंद्र गुहा के इस लेख को पढ़कर लगा कि हम दुनिया जहान के लेखकों के बारे में तो…
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                    5. sheodayal on अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ
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