अब मनोरंजन के लिए कोई कहानी नहीं लिखता

स्वयंप्रकाश का नाम हिंदी कहानी में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. उनसे यह बातचीत वरिष्ठ कवि नन्द भारद्वाजने की…

उत्तर-आधुनिक परिदृश्य में प्रो-एक्टिव विवेक

गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु सुधीश पचौरी की याद आई तो युवा विमर्शकार विनीत कुमार के इस लेख की भी…

आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो गजलें और एक…

आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो गजलें और एक…

यह सिर्फ एक शख्स के जाने का शोक नहीं था

अरुण प्रकाश को याद करते हुए यह कविता हमारे दौर के महत्वपूर्ण कवि प्रियदर्शन ने लिखी है. प्रियदर्शन की यह…

चुपचाप लिखने वाले अमर गोस्वामी चुपचाप चले गए

दुःख होता है. हम लेखक अपने लेखक समाज से कितने बेखबर होते जा रहे हैं. अमर गोस्वामी चले गए, हमारा…

वे दुनिया से अपनी दुखती रग छुपाकर रखते थे

अरुण प्रकाश ऐसे लेखक थे जो युवा लेखकों से नियमित संवाद बनाये रखते थे. इसलिए उनके निधन के बाद युवाओं…

वे दुनिया से अपनी दुखती रग छुपाकर रखते थे

अरुण प्रकाश ऐसे लेखक थे जो युवा लेखकों से नियमित संवाद बनाये रखते थे. इसलिए उनके निधन के बाद युवाओं…

गैंग्स आफ डिसबैलेन्सपुर वाया मेडिटेशन

अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की पब्लिसिटी रिलीज होने से पहले से ही कुछ ‘चवन्नी छाप’ फिल्म समीक्षकों…

हमारी ‘छोटी’ लड़ाई की गरदन पर आपके ‘साथ’ का ज्ञानपीठीय हाथ

युवा लेखक गौरव सोलंकी का यह लेख मूल रूप से ‘जनसत्ता’ में प्रकाशित प्रियदर्शन के लेख की प्रतिक्रिया में लिखा…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी