नाटक के बारे में कुछ व्यक्तिगत अनुभव, कुछ विचारMarch 28, 20111 mins150 २७ मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है. इसी अवसर पर एक दिन देर से ही… continue Reading..
उपस्थित हूँ तुम्हारे जीवन की देहरी परMarch 26, 20111 mins12आज अर्पिता श्रीवास्तव की कविताएँ. Stream of consciousness की इस युवा कवयित्री में इक तरह की अनगढता… continue Reading..
विचार ज़िंदगी की उधेड़बुन में फूटते हैंMarch 24, 20111 mins16अविनाश आज mohallalive.com के मशहूर मॉडरेटर के रूप में जाने जाते हैं, निर्भीक, संवेदनशील और अपने सरोकारों… continue Reading..
मैं मनुष्य ही बने रहना चाहता हूँ- विश्वनाथ त्रिपाठीMarch 22, 20111 mins0हाल में ही प्रसिद्ध आलोचक, लेखक और सबसे बढ़कर एक बेजोड़ अध्यापकविश्वनाथ त्रिपाठी ने अपने जीवन के… prabhatcontinue Reading..
मैं मनुष्य ही बने रहना चाहता हूँ- विश्वनाथ त्रिपाठीMarch 22, 2011August 17, 20201 mins858हाल में ही प्रसिद्ध आलोचक, लेखक और सबसे बढ़कर एक बेजोड़ अध्यापकविश्वनाथ त्रिपाठी ने अपने जीवन के…ब्लॉग continue Reading..
एक विदेशी की नज़र में एशिया की रेलयात्राएंMarch 16, 20111 mins0 हाल में ही पेंगुइन-यात्रा प्रकाशन से प्रसिद्ध लेखक पॉल थरू की किताब \’द ग्रेट रेलवे बाज़ार\’… prabhatcontinue Reading..
एक विदेशी की नज़र में एशिया की रेलयात्राएंMarch 16, 2011September 7, 20201 mins10 हाल में ही पेंगुइन-यात्रा प्रकाशन से प्रसिद्ध लेखक पॉल थरू की किताब ‘द ग्रेट रेलवे बाज़ार’…ब्लॉग continue Reading..
अज्ञेय के साहित्य के प्रति उदासीनता के पीछे क्या वजह रही?March 15, 20111 mins7अज्ञेय की जन्मशताब्दी के अवसर पर आज प्रसिद्ध आलोचक मदन सोनी का यह लेख जिसमें उन्होंने उस… continue Reading..
प्रेम की भूमि पर हमने घृणा को भी पलते हुए देखा.March 13, 20111 mins11‘इकोनोमिक एंड पोलिटिकल वीकली’ में पत्रकारिता से कैरियर शुरु करने वाले रुस्तम मूलतः कवि-दार्शनिक हैं. हिंदी कविता… continue Reading..
लिखना एक आत्मघाती पेशा हैMarch 11, 20111 mins20क्यों लिखता हूँ?… जाने क्यों इस सोच के साथ मुझे मुझे अक्सर नवगीतकार रामचंद्र चंद्रभूषण याद आते… continue Reading..