हाल में ही वाणी प्रकाशन से एक पुस्तक आई है ‘भैरवी: अक्क महादेवी की कविताएँ’. वीरशैव संप्रदाय की अक्क महादेवी…
बात इतनी सपाट हो जाएगी कि कला नहीं रहेगी
आर. चेतनक्रान्ति की कविताएँ किसी आशा, किसी विश्वास की कविताएँ नहीं हैं, न ही स्वीकार की. वे नकार के कवि…
‘समन्वय: आईएचसी भारतीय भाषा महोत्सव’
यह सहित्योत्सवों का दौर है. ऐसे में दिल्ली में १६-१८ दिसंबर को इण्डिया हैबिटैट सेंटर, दिल्ली प्रेस और प्रतिलिपि बुक्स…
‘समन्वय: आईएचसी भारतीय भाषा महोत्सव’
यह सहित्योत्सवों का दौर है. ऐसे में दिल्ली में १६-१८ दिसंबर को इण्डिया हैबिटैट सेंटर, दिल्ली प्रेस और प्रतिलिपि बुक्स…
कोई और न सही, अबूझमाड़ तो साक्षी होगा ही
कथाकार आशुतोष भारद्वाज की नक्सल डायरीविकास और सभ्यता की परिभाषाओं से दूर गाँवो-कस्बों के उन इलाकों के भय-हिंसा से हमें…
मैं स्वीकार करती हूँ शोक और उत्सव
आज प्रस्तुत हैं लैटिन अमेरिकन देश पेरू की कवयित्री ब्लांका वरेला की कविताएँ. लगभग सुर्रियल सी उसकी कविताओं के अक्तावियो…
मैं स्वीकार करती हूँ शोक और उत्सव
आज प्रस्तुत हैं लैटिन अमेरिकन देश पेरू की कवयित्री ब्लांका वरेला की कविताएँ. लगभग सुर्रियल सी उसकी कविताओं के अक्तावियो…
शैलेंद्र, राज कपूर, मैँ और साहिर
कल प्रसिद्ध फिल्म पत्रिका ‘माधुरी’ पर रविकांत का लेख जानकी पुल पर आया था. उसकी प्रतिक्रिया में उस पत्रिका के…
हिन्दी फ़िल्म अध्ययन: ‘माधुरी’ का राष्ट्रीय राजमार्ग
इतिहासकार रविकांत सीएसडीएस में एसोसिएट फेलो हैं, ‘हिंदी पब्लिक स्फेयर’ का एक जाना-माना नाम जो एक-सी महारत से इतिहास, साहित्य,…



