खुमार और खून हमजाद़ हैं यहाँ

युवा कथाकार-पत्रकार आशुतोष भारद्वाज की ‘नक्सल डायरी’ की दूसरी किस्त.  सरगुजा, बीजापुर, बस्तर-दंतेवाड़ा के इलाके अब नक्सल-प्रभावित इलाके कहलाते हैं.…

साजिश रचती हैं सांसें मेरे खिलाफ

आज प्रमोद कुमार तिवारी की कविताएँ. प्रमोद भाषा में बोली की छौंक के कवि हैं. उस गंवई संवेदना के जिसे…

जनतंत्र में नायक कौन होता है?

कवि बद्रीनारायण का नाम देश के ‘सबाल्टर्न’ इतिहास-धारा में बहुत आदर से लिया जाता है. दलित समाज के किस्सों-कहानियों के…

हिंदी के पाठकों का आस्वाद बदल रहा है

हाल में ही हिंदी के वरिष्ठ कथाकार स्वयंप्रकाश को कथाक्रम सम्मान दिए जाने की घोषणा हुई है. इस अवसर पर प्रस्तुत…

बस्तर में एक पूरी प्रजाति का स्नायु-संविधान बदल रहा है

युवा कथाकार आशुतोष भारद्वाजइन दिनों अपने अखबार के असाइनमेंट पर छत्तीसगढ़ के उन इलाकों में रह रहे हैं जिन्हें ‘नक्सल…

किस तआल्लुक का सिला देता है

नसीम अजमल मूलतः गणितज्ञ हैं, फज़ी लॉजिक के विद्वान. लेकिन उर्दू शायरी में उनका अपना ही मुकाम है. अपना बयान,…

लिखना समय के प्रवाह के विरुद्ध

अपनी कहानियों और कश्मीर की पृष्ठभूमि पर लिखे गए उपन्यास ‘शिगाफ’ के कारण चर्चा में रहनेवाली लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ किसी…

श्रीलाल शुक्ल ने पतनशील समाज की कथा कही

श्रीलाल शुक्ल को श्रद्धांजलि स्वरुप आज प्रस्तुत है प्रसिद्ध अनुवादक  और पत्रकार जितेन्द्र कुमार का लेख- जानकी पुल. ज्ञानपीठ पुरस्कार…

श्रीलालजी खुद को जनवाने के ‘अतिरिक्त अवसर’ नहीं देते

श्रीलाल शुक्ल को श्रद्धांजलि स्वरुप प्रस्तुत है सुशील सिद्धार्थ का यह लेख. सुशील जी उनके आत्मीय थे और इस लेख…

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