• ब्लॉग
  • ‘समन्वय: आईएचसी भारतीय भाषा महोत्सव’

    यह सहित्योत्सवों का दौर है. ऐसे में दिल्ली में १६-१८ दिसंबर को इण्डिया हैबिटैट सेंटर, दिल्ली प्रेस और प्रतिलिपि बुक्स की ओर से भारतीय भाषा के साहित्य को ‘सेलेब्रेट’ करने के लिए आयोजन हो रहा है. ज़्यादातर साहित्योत्सव ‘सेलिब्रिटी’ को लेखक बनाने के आयोजन होते हैं, यह लेखक  को ‘सेलिब्रिटी’ बनाने का आयोजन है. इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए- जानकी पुल. 



    पिछले कुछ सालों से भारत भर में अलग-अलग जगहों पर कई तरह के साहित्योत्सवों का आयोजन हो रहा है, कुछ दुनिया भर में मशहूर भी हुए हैं. इससे यह तो जरूर हुआ है कि जहाँ जहाँ ऐसे आयोजन हुए हैं वहाँ साहित्य के प्रति आम लोगों में दिलचस्पी तुलनात्मक रूप से बढ़ी है. इंडिया हैबिटैट सेंटर ने महसूस किया कि एक तो दिल्ली में ऐसा कोई सालाना साहित्योत्सव आयोजित नहीं हो रहा, दूसरे देश  भर में आयोजित होने वाले किसी भी ऐसे आयोजन का सारा फोकस भारतीय भाषाओं के लेखन पर नहीं है.
    यह ठीक है कि भारतीय लेखन को दुनिया भर के लेखन के साथ एक मंच पर आना चाहिए, लेकिन सबसे पहले तमाम भारतीय भाषाओं में हो रहे लेखन को एक मंच पर एक साथ लाना जरूरी है. इससे भाषाओं के बीच आवाजाही का रास्ता और सुगम होगा, संवाद की निरंतरता बनेगी और सांस्कृतिक साझेपन की भावना का विस्तार होगा. इसीलिए ‘समन्वय’ जैसे मंच की जरूरत महसूस करते हुए इंडिया हैबिटैट सेंटर पहल के लिए आगे बढ़ा है. दिल्ली प्रेस और प्रतिलिपि बुक्स  इस पहल के साझीदार हैं.
    ‘समन्वय: आईएचसी भारतीय भाषा महोत्सव’ का पहला आयोजन 1618 दिसम्बर, 2011 के दौरान नई दिल्ली में इंडिया हैबिटैट सेंटर के अम्फी थियेटर में होगा, जिसमें 13 भारतीय भाषाओं के 60  से अधिक लेखक और वक्ता शामिल होने जा रहे हैं. महोत्सव में आने वाले लेखकों में से 2 ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य हैं, साथ में 12 लेखक साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित और 1 सरस्वती सम्मान से सम्मानित हैं. कई लेखक भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ और ‘पद्म भूषण’ से भी सम्मानित हैं. यह आयोजन के लिए गौरव की बात है. लेखकों की सूची में पुरस्कृत और वरिष्ठ लेखकों के साथ युवा नामों को भी प्रमुखता से महत्व दिया गया है.
    तीन दिन चलने वाले इस दस सत्रीय आयोजन में 8 भारतीय भाषाओं के विशेष सत्र होंगे, जिनमें विचार विमर्श और रचना पाठ होगा. इसके अलावा उदघाटन सत्र बहुभाषी होगा, जिसमें सत्र में शामिल भाषाओं से अलग भाषा के भी लेखक होंगे. उदघाटन सत्र में विचार विमर्श के बाद 6 भाषाओं के प्रतिष्ठित कवि काव्यपाठ करेंगे. उसके बाद प्रसिद्द सूफी गायक मदनगोपाल सिंह मैथिली और हिंदी के महान कवि नागार्जुन की कविताओं का गायन करेंगे. इसी सिलसिले मे 17 दिसम्बर की शाम को चान्द निज़ामी कव्वाली पेश करेंगे.
    आयोजन के दौरान हैबिटैट परिसर में कई प्रकाशक पुस्तक बिक्री के लिए अपने स्टाल लगाएंगे.
    भारतीय साहित्य की सेवा में समर्पित देश की अग्रणी संस्थाओं में से एक साहित्य अकादेमी न केवल पुस्तक बिक्री का स्टाल लगायेगी, बल्कि वह भारतीय साहित्य के कुछ महान लेखकों के जीवन पर बनी फिल्मों का प्रदर्शन भी करेगी.
    भारतीय भाषाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि  ‘भारतीय भाषा महोत्सव’ के आयोजन में सहयोग के लिए इंडियन आयल, साहित्य अकादेमी, भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन और ग्राफिसऐड्स जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं आगे आई हैं.
    इंडिया हैबिटैट सेंटर को उम्मीद है कि सभी भाषाओं के मीडिया से ‘समन्वय: भारतीय भाषा महोत्सव’ को भरपूर समर्थन मिलेगा. यह आयोजन भारतीय भाषाओं के लेखन और भारतीय जनमानस के बीच सेतु बने, यही हमारी कोशिश है. इसके जरिये तमाम भारतीय भाषाओं के साहित्य में हो रहे परिवर्तनों, नवाचारों को सभी जानें, समझें, उनके भीतर की जटिलताओं और समस्याओं पर बहस करें, हर भारतीय भाषा के साहित्य का अनुवाद के जरिये बड़े पैमाने पर   आपस में आदान-प्रदान का रिश्ता बने, केवल अकादमिक जगत के लोग ही नहीं, आम आदमी भी भारतीय भाषा के साहित्य में दिलचस्पी ले, उस पर गर्व करे. ‘समन्वय: भारतीय भाषा महोत्सव’ एक उत्सव के जरिये एक अभियान बन जाए, यह कामना है.                  

    34 thoughts on “‘समन्वय: आईएचसी भारतीय भाषा महोत्सव’

    1. पेंगुइन से भी ज्यादा अच्छा काम कर रहें हैं निरुपम भाई. शुभकामनाएं.

    2. Intzaar rahega 16 dec ka, es tarah ke bahubhashi sahityik prog kee bahut jarurat hai. es achchee shuruaat ke leye badhaee Nirupam aur Giriraj ko

    3. Pingback: 다시보기
    4. Hi there! I could have sworn I’ve been to this
      blog before but after reading through some of the post I realized it’s new to me.

      Anyways, I’m definitely happy I found it and I’ll be book-marking and checking back frequently!

    5. My partner and I stumbled over here from a different page and thought
      I should check things out. I like what I
      see so now i am following you. Look forward to exploring your web page again.

    6. Hi would you mind sharing which blog platform you’re working with?
      I’m looking to start my own blog soon but I’m having a hard time
      selecting between BlogEngine/Wordpress/B2evolution and Drupal.

      The reason I ask is because your design seems different
      then most blogs and I’m looking for something completely unique.

      P.S My apologies for being off-topic but I had to ask!

    7. It’s truly very complicated in this full of activity life to listen news on Television, so I just use internet for that
      reason, and take the newest news.

    8. I think that is one of the so much significant info for
      me. And i am satisfied reading your article. But wanna statement on few normal issues, The web site taste is great, the articles is truly excellent : D.
      Excellent activity, cheers

    9. When someone writes an article he/she retains the idea of a user in his/her brain that how a user
      can know it. So that’s why this article is outstdanding.

      Thanks!

    10. Excellent site you have here.. It’s difficult to find excellent writing like yours nowadays.

      I truly appreciate individuals like you! Take care!!

    11. It’s in point of fact a nice and helpful piece of info.
      I’m happy that you simply shared this helpful information with us.
      Please stay us up to date like this. Thanks for sharing.

    12. Great goods from you, man. I’ve consider your stuff prior to and you
      are simply extremely fantastic. I really like what you have obtained right here, certainly like what you’re saying and the best way through
      which you assert it. You make it enjoyable and you still take care of to keep
      it sensible. I can’t wait to read far more from you.
      This is actually a terrific site.

    13. Hiya! I know this is kinda off topic however I’d figured I’d
      ask. Would you be interested in exchanging
      links or maybe guest authoring a blog post or vice-versa?

      My blog goes over a lot of the same topics as yours and I feel we could greatly benefit from each
      other. If you are interested feel free to shoot me an e-mail.
      I look forward to hearing from you! Excellent
      blog by the way!

    14. I want to to thank you for this good read!! I absolutely enjoyed every bit
      of it. I have you saved as a favorite to check out new things
      you post…

    15. Wonderful blog! I found it while browsing on Yahoo News.

      Do you have any tips on how to get listed in Yahoo News?
      I’ve been trying for a while but I never seem to get there!
      Thank you

    16. With havin so much written content do you ever run into any problems of plagorism
      or copyright infringement? My website has a lot of unique content I’ve either created myself or outsourced but it
      appears a lot of it is popping it up all over the web without my agreement.

      Do you know any techniques to help reduce content from being stolen? I’d definitely appreciate it.

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    यह सहित्योत्सवों का दौर है. ऐसे में दिल्ली में १६-१८ दिसंबर को इण्डिया हैबिटैट सेंटर, दिल्ली प्रेस और प्रतिलिपि बुक्स की ओर से भारतीय भाषा के साहित्य को \’सेलेब्रेट\’ करने के लिए आयोजन हो रहा है. ज़्यादातर साहित्योत्सव \’सेलिब्रिटी\’ को लेखक बनाने के आयोजन होते हैं, यह लेखक  को \’सेलिब्रिटी\’ बनाने का आयोजन है. इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए- जानकी पुल. 



    पिछले कुछ सालों से भारत भर में अलग-अलग जगहों पर कई तरह के साहित्योत्सवों का आयोजन हो रहा है, कुछ दुनिया भर में मशहूर भी हुए हैं. इससे यह तो जरूर हुआ है कि जहाँ जहाँ ऐसे आयोजन हुए हैं वहाँ साहित्य के प्रति आम लोगों में दिलचस्पी तुलनात्मक रूप से बढ़ी है. इंडिया हैबिटैट सेंटर ने महसूस किया कि एक तो दिल्ली में ऐसा कोई सालाना साहित्योत्सव आयोजित नहीं हो रहा, दूसरे देश  भर में आयोजित होने वाले किसी भी ऐसे आयोजन का सारा फोकस भारतीय भाषाओं के लेखन पर नहीं है.
    यह ठीक है कि भारतीय लेखन को दुनिया भर के लेखन के साथ एक मंच पर आना चाहिए, लेकिन सबसे पहले तमाम भारतीय भाषाओं में हो रहे लेखन को एक मंच पर एक साथ लाना जरूरी है. इससे भाषाओं के बीच आवाजाही का रास्ता और सुगम होगा, संवाद की निरंतरता बनेगी और सांस्कृतिक साझेपन की भावना का विस्तार होगा. इसीलिए ‘समन्वय’ जैसे मंच की जरूरत महसूस करते हुए इंडिया हैबिटैट सेंटर पहल के लिए आगे बढ़ा है. दिल्ली प्रेस और प्रतिलिपि बुक्स  इस पहल के साझीदार हैं.
    ‘समन्वय: आईएचसी भारतीय भाषा महोत्सव’ का पहला आयोजन 1618 दिसम्बर, 2011 के दौरान नई दिल्ली में इंडिया हैबिटैट सेंटर के अम्फी थियेटर में होगा, जिसमें 13 भारतीय भाषाओं के 60  से अधिक लेखक और वक्ता शामिल होने जा रहे हैं. महोत्सव में आने वाले लेखकों में से 2 ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य हैं, साथ में 12 लेखक साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित और 1 सरस्वती सम्मान से सम्मानित हैं. कई लेखक भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ और ‘पद्म भूषण’ से भी सम्मानित हैं. यह आयोजन के लिए गौरव की बात है. लेखकों की सूची में पुरस्कृत और वरिष्ठ लेखको
    ं के साथ युवा नामों को भी प्रमुखता से महत्व दिया गया है.
    तीन दिन चलने वाले इस दस सत्रीय आयोजन में 8 भारतीय भाषाओं के विशेष सत्र होंगे, जिनमें विचार विमर्श और रचना पाठ होगा. इसके अलावा उदघाटन सत्र बहुभाषी होगा, जिसमें सत्र में शामिल भाषाओं से अलग भाषा के भी लेखक होंगे. उदघाटन सत्र में विचार विमर्श के बाद 6 भाषाओं के प्रतिष्ठित कवि काव्यपाठ करेंगे. उसके बाद प्रसिद्द सूफी गायक मदनगोपाल सिंह मैथिली और हिंदी के महान कवि नागार्जुन की कविताओं का गायन करेंगे. इसी सिलसिले मे 17 दिसम्बर की शाम को चान्द निज़ामी कव्वाली पेश करेंगे.
    आयोजन के दौरान हैबिटैट परिसर में कई प्रकाशक पुस्तक बिक्री के लिए अपने स्टाल लगाएंगे.
    भारतीय साहित्य की सेवा में समर्पित देश की अग्रणी संस्थाओं में से एक साहित्य अकादेमी न केवल पुस्तक बिक्री का स्टाल लगायेगी, बल्कि वह भारतीय साहित्य के कुछ महान लेखकों के जीवन पर बनी फिल्मों का प्रदर्शन भी करेगी.
    भारतीय भाषाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि  ‘भारतीय भाषा महोत्सव’ के आयोजन में सहयोग के लिए इंडियन आयल, साहित्य अकादेमी, भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन और ग्राफिसऐड्स जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं आगे आई हैं.
    इंडिया हैबिटैट सेंटर को उम्मीद है कि सभी भाषाओं के मीडिया से ‘समन्वय: भारतीय भाषा महोत्सव’ को भरपूर समर्थन मिलेगा. यह आयोजन भारतीय भाषाओं के लेखन और भारतीय जनमानस के बीच सेतु बने, यही हमारी कोशिश है. इसके जरिये तमाम भारतीय भाषाओं के साहित्य में हो रहे परिवर्तनों, नवाचारों को सभी जानें, समझें, उनके भीतर की जटिलताओं और समस्याओं पर बहस करें, हर भारतीय भाषा के साहित्य का अनुवाद के जरिये बड़े पैमाने पर   आपस में आदान-प्रदान का रिश्ता बने, केवल अकादमिक जगत के लोग ही नहीं, आम आदमी भी भारतीय भाषा के साहित्य में दिलचस्पी ले, उस पर गर्व करे. ‘समन्वय: भारतीय भाषा महोत्सव’ एक उत्सव के जरिये एक अभियान बन जाए, यह कामना है.                  

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    1 mins