वे लोग, वह युग, वह दुनिया कहाँ चली गई?February 5, 20111 mins11आज हिंदी के उपेक्षित कवि जानकीवल्लभ शास्त्री ९५ साल के हो गए. इस अवसर पर उनके शतायु होने की… continue Reading..
फिराक गोरखपुरी की एक दुर्लभ कहानी ‘रैन-बसेरा’February 3, 20111 mins5उर्दू के मशहूर शायर फ़िराक गोरखपुरी की शायरी के बारे में किसी को बताने की ज़रूरत नहीं,… continue Reading..
गाँधी तूफान के पिता और बाजों के भी बाज़ थेJanuary 30, 20111 mins0महात्मा गाँधी के ऊपर शायद हिंदी में सबसे अधिक कविताएँ लिखी गई हैं. महात्मा गाँधी के जन्मदिन के… prabhatcontinue Reading..
गाँधी तूफान के पिता और बाजों के भी बाज़ थेJanuary 30, 20111 mins118महात्मा गाँधी के ऊपर शायद हिंदी में सबसे अधिक कविताएँ लिखी गई हैं. महात्मा गाँधी के जन्मदिन के…ब्लॉग continue Reading..
भ्रष्टाचार अपने आप में एक सिस्टम और विचारधारा हैJanuary 26, 20111 mins0उदयप्रकाश हिंदी के उन थोड़े से ‘पब्लिक इंटेलेक्चुअल्स’ में हैं समय के साथ समाज में जिनकी विश्वसनीयता… prabhatcontinue Reading..
भ्रष्टाचार अपने आप में एक सिस्टम और विचारधारा हैJanuary 26, 20111 mins118उदयप्रकाश हिंदी के उन थोड़े से ‘पब्लिक इंटेलेक्चुअल्स’ में हैं समय के साथ समाज में जिनकी विश्वसनीयता…ब्लॉग continue Reading..
उनके लिए साहित्य मिशन था प्रोफेशन नहींJanuary 24, 20111 mins2आज आधुनिक हिंदी-साहित्य के निर्माताओं में अग्रगण्य शिवपूजन सहाय की ग्रंथावली का लोकार्पण है. शिवपूजन सहाय हिंदी… continue Reading..
कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता हैJanuary 23, 20111 mins0अदम गोंडवी की ग़ज़लों ने एक ज़माने में काफी शोहरत पाई थी. उस दौर की फिर याद… prabhatcontinue Reading..
कोई रूसो कोई हिटलर कोई खय्याम होता हैJanuary 23, 20111 mins10अदम गोंडवी की ग़ज़लों ने एक ज़माने में काफी शोहरत पाई थी. उस दौर की फिर याद…ब्लॉग continue Reading..
क्या सचमुच युवा लेखक मुँह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुआ है?January 20, 20111 mins19प्रतिष्ठित पत्रिका ‘कथन’ के नए अंक में परिचर्चा प्रकाशित हुई है नए कहानी आंदोलन की आवश्यकता को… continue Reading..