मीडिया से राडिया तकJanuary 9, 20111 mins33प्रसिद्ध पत्रकार-मीडिया विश्लेषक दिलीप मंडलजी का यह लेख ‘पाखी’ के मीडिया विशेषांक में प्रकाशित हुआ है. लेख… continue Reading..
जीवन को छलता हुआ, जीवन से छला गयाJanuary 8, 20111 mins0आज मोहन राकेश का जन्मदिन है. हिंदी को कुछ बेजोड़ नाटक और अनेक यादगार कहानियां देने वाले मोहन… prabhatcontinue Reading..
जीवन को छलता हुआ, जीवन से छला गयाJanuary 8, 20111 mins160आज मोहन राकेश का जन्मदिन है. हिंदी को कुछ बेजोड़ नाटक और अनेक यादगार कहानियां देने वाले मोहन…ब्लॉग continue Reading..
दाढ़ी वाला आदमी जो मरना या जीना चाहता है ?January 7, 20111 mins121बेल्जियम के युवा कवि स्टीवेन वान नेस्ट की कविताओं से मेरा परिचय करवाया हिंदी के युवा कवि… continue Reading..
फैज़ को मैंने भी देखा थाJanuary 5, 20111 mins0यह फैज़ अहमद फैज़ की जन्मशताब्दी का साल है. इस अवसर पर हिंदी के मशहूर लेखक असगर… prabhatcontinue Reading..
फैज़ को मैंने भी देखा थाJanuary 5, 2011August 13, 20251 mins139यह फैज़ अहमद फैज़ की जन्मशताब्दी का साल है. इस अवसर पर हिंदी के मशहूर लेखक असगर…ब्लॉग prabhatcontinue Reading..
शताब्दी का लेखक भुवनेश्वरJanuary 3, 20111 mins11अभिशप्त होकर जीनेवाले और विक्षिप्त होकर मरनेवाले लेखक भुवनेश्वर की यह जन्मशताब्दी का साल है. ‘ताम्बे के… continue Reading..
ये लोकतंत्र के महामठ की चंद सीढियां हैंDecember 31, 20101 mins0तुषार धवल की कविताओं में वह विराग है जो गहरे राग से पैदा होता है. लगाव का… prabhatcontinue Reading..
ये लोकतंत्र के महामठ की चंद सीढियां हैंDecember 31, 20101 mins6तुषार धवल की कविताओं में वह विराग है जो गहरे राग से पैदा होता है. लगाव का…ब्लॉग continue Reading..
एक राष्ट्र के रूप में हम संकट में हैंDecember 30, 20101 mins0सीएनएन-आईबीएन की पत्रकार रूपाश्री नंदा से बातचीत करते हुए लेखिका अरुंधती राय ने कहा कि उनको इस… prabhatcontinue Reading..