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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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यह अघोषित आपातकाल का समय है

January 10, 20111 mins14
कुछ लेखक ऐसे होते हैं जिनके पुरस्कृत होने से पुरस्कारों की विश्वसनीयता बनी रहती है. ऐसे ही…
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    मीडिया से राडिया तक

    January 9, 20111 mins33
    प्रसिद्ध पत्रकार-मीडिया विश्लेषक दिलीप मंडलजी का यह लेख ‘पाखी’ के मीडिया विशेषांक में प्रकाशित हुआ है. लेख…
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      जीवन को छलता हुआ, जीवन से छला गया

      January 8, 20111 mins0
      आज मोहन राकेश का जन्मदिन है. हिंदी को कुछ बेजोड़ नाटक और अनेक यादगार कहानियां देने वाले मोहन…
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        जीवन को छलता हुआ, जीवन से छला गया

        January 8, 20111 mins160
        आज मोहन राकेश का जन्मदिन है. हिंदी को कुछ बेजोड़ नाटक और अनेक यादगार कहानियां देने वाले मोहन…
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        दाढ़ी वाला आदमी जो मरना या जीना चाहता है ?

        January 7, 20111 mins121
        बेल्जियम के युवा कवि स्टीवेन वान नेस्ट की कविताओं से मेरा परिचय करवाया हिंदी के युवा कवि…
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          फैज़ को मैंने भी देखा था

          January 5, 20111 mins0
          यह फैज़ अहमद फैज़ की जन्मशताब्दी का साल है. इस अवसर पर हिंदी के मशहूर लेखक असगर…
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            फैज़ को मैंने भी देखा था

            January 5, 2011August 13, 20251 mins139
            यह फैज़ अहमद फैज़ की जन्मशताब्दी का साल है. इस अवसर पर हिंदी के मशहूर लेखक असगर…
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            शताब्दी का लेखक भुवनेश्वर

            January 3, 20111 mins11
            अभिशप्त होकर जीनेवाले और विक्षिप्त होकर मरनेवाले लेखक भुवनेश्वर की यह जन्मशताब्दी का साल है. ‘ताम्बे के…
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              ये लोकतंत्र के महामठ की चंद सीढियां हैं

              December 31, 20101 mins0
              तुषार धवल की कविताओं में वह विराग है जो गहरे राग से पैदा होता है. लगाव का…
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                ये लोकतंत्र के महामठ की चंद सीढियां हैं

                December 31, 20101 mins6
                तुषार धवल की कविताओं में वह विराग है जो गहरे राग से पैदा होता है. लगाव का…
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