एक शताब्दी के कवि आरसी प्रसाद सिंह

‘यह जीवन क्या है ? निर्झर है, मस्ती ही इसका पानी है / सुख-दुःख के दोनों तीरों से चल रहा…

उन प्रथम, सुकुमार दिनों का वह उजला अनुभव

  प्रसिद्ध पत्रकार प्रियदर्शन को हिंदी की की साहित्यिक दुनिया कवि-कथाकार के रूप में जानती-पहचानती है. समकालीन पीढ़ी के रचनाकारों…

विद्यापति के गीत बाबा नागार्जुन का अनुवाद

यह कवि नागार्जुन की जन्मशताब्दी का साल है. इससे याद आया कि उन्होंने विद्यापति के गीतों का हिंदी में अनुवाद…

अरिंदम चौधरी को गुस्सा क्यों आता है?

मैनेजमेंट गुरु अरिंदम चौधरी ने दिल्ली प्रेस की प्रसिद्ध सांस्कृतिक पत्रिका कारवां(the caravan) पर मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया है,…

अरिंदम चौधरी को गुस्सा क्यों आता है?

मैनेजमेंट गुरु अरिंदम चौधरी ने दिल्ली प्रेस की प्रसिद्ध सांस्कृतिक पत्रिका कारवां(the caravan) पर मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया है,…

उर्दू शायरी को आज़ाद करने वाले राशिद

  उर्दू के विद्रोही शायर नून मीम राशिद की जन्मशताब्दी चुपचाप गुज़र गई. उनकी शायरी और शख्सियत पर प्रेमचंद गाँधी…

‘इस्ताम्बुल’ पढ़ने से ईस्ट और वेस्ट का अपना विजन बनता है

सुपरिचित कवयित्री, अनुवादिका और लेखिका अपर्णा मनोज ने ओरहान पामुक की प्रसिद्ध पुस्तक ‘इस्ताम्बुल’ पर लिखा है. पूर्व और पश्चिम…

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