बशीर बद्र: मेरी यादों, मेरी ज़बान और मेरी साँसों में!

आज बशीर बद्र जो, उनकी शायरी को याद कर रहे हैं सुहैब अहमद फ़ारूक़ी। पेशे से पुलिस अफ़सर हैं, मिज़ाज…

बशीर बद्र ने याद और आधुनिक अकेलेपन को शायरी में कैसे बदला 

कल महान शायर बशीर बद्र का देहांत हो गया। वे बहुत संजीदा शायर थे और उतने ही लोकप्रिय भी थे।…

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