बशीर बद्र: मेरी यादों, मेरी ज़बान और मेरी साँसों में!June 1, 20261 mins0आज बशीर बद्र जो, उनकी शायरी को याद कर रहे हैं सुहैब अहमद फ़ारूक़ी। पेशे से पुलिस…स्मरण prabhatcontinue Reading..
बशीर बद्र ने याद और आधुनिक अकेलेपन को शायरी में कैसे बदला May 29, 20261 mins0कल महान शायर बशीर बद्र का देहांत हो गया। वे बहुत संजीदा शायर थे और उतने ही…स्मरण prabhatcontinue Reading..