बलराम कांवट के उपन्यास ‘मोरीला’ पर यतीश कुमार की टिप्पणी

युवा लेखक बलराम कांवट के उपन्यास ‘मोरीला’ पर यह टिप्पणी लिखी है कवि-लेखक यतीश कुमार ने। भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित…

अम्बर पाण्डेय का ‘मतलब हिन्दू’ या मतलबी हिंदू

अम्बर पाण्डेय का उपन्यास ‘मतलब हिंदू’ जब से प्रकाशित हुआ है तभी से इसको लेकर चर्चा हो रही है। कोई…

‘बिसात पर जुगनू’ की काव्यात्मक समीक्षा

यतीश कुमार की काव्यात्मक समीक्षा शैली से हम सब बखूबी परिचित हैं। आज उन्होंने अपनी शैली में वंदना राग के…

‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ की काव्यात्मक समीक्षा

लेखक-कवि यतीश कुमार ने काव्यात्मक समीक्षा की अपनी शैली विकसित की और हिंदी की अनेक श्रेष्ठ कृतियों की काव्यात्मक समीक्षा…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी