पाँच साल का ‘कथा कहन’: एक रपट

जयपुर के पास कनोता कैंप में ‘कथा कहन कार्यशाला’ का यह पाँचवा आयोजन था। देश के अलग अलग हिस्सों से…

मनीषा कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘त्रिमाया’ का एक अंश

मनीषा कुलश्रेष्ठ अपनी कृति में हमेशा ही किसी नये विचार और विषय को लेकर आने के कारण पाठकों को चौंकाती…

मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘नीला घर’

साल 2024 में प्रकाशित कथा-संग्रहों में जो संग्रह मुझे बहुत पसंद आये उनमें मनीषा कुलश्रेष्ठ का कथा-संग्रह ‘वन्या’ भी है।…

पंकज सुबीर की कहानी ‘वीरबहूटियाँ चली गयीं’

मेरे भीतर के पाठक को कथा से पहले वातावरण जानना होता है कि कथा के पात्र आखिर विचरते कहां हैं, क्योंकि…

मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘मौसमों के मकान सूने हैं’

मनीषा कुलश्रेष्ठ हमारी भाषा की एक ऐसी लेखिका हैं जिनको पाठकों और आलोचकों की प्रशंसा समान रूप से मिली हैं. उनकी…

मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘खर पतवार’

मनीषा कुलश्रेष्ठ किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. हमारे दौर की इस प्रमुख लेखिका का हाल में ही कथा-संग्रह आया…

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