हर युग में रावण और राम आते रहेंगे!

  आज दशहरा है। आप सभी इसकी शुभकामनाएँ। आज पढ़िए राम-रावण युद्ध पर संजय गौतम का यह व्यंग्य लेख। संजय…

एक-आध दिन मौसी के घर भी चले जाना चाहिए

संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा की किताब ‘उर्दू…

मौन-सा अपने ही लोगों का करैक्टर हो गया.

वीकेंड  कविता में इस बार प्रस्तुत है व्यंग्य-कवि संजय गौतम की गज़लें. काका हाथरसी की तर्ज़ पर उनका अनुरोध है…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी