दैनिक जागरण द्वारा नरेंद्र मोहन स्मृति साहित्य सम्मान की घोषणा

देश के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले समाचार पत्र दैनिक जागरण अपने अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के अंतर्गत पुस्तक लेखन और पठन-पाठन की संस्कृति के विकास हेतु नरेंद्र मोहन स्मृति साहित्य सम्मान देने जा रहा है। इसके अंतर्गत जिन लेखकों की कृति ने पठनीयता, गुणवत्ता और विषय के आधार पर वर्ष 2024 में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, उन्हें नरेंद्र मोहन स्मृति साहित्य सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान दैनिक जागरण के पूर्व प्रधान संपादक और लेखक नरेंद्र मोहन जी की स्मृति में दिया जाएगा। इसकी सम्मान राशि ₹ 5,00,000 है। प्रकाशित कृति को मौलिकता, पठनीयता, गुणवत्ता और विषय की कसौटी पर कसा जाएगा। सम्मान का निर्णय विशिष्ट निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा।

दैनिक जागरण कृति सम्मान

हिंदी भाषा को बल प्रदान करने और विस्तार देने के लिए दैनिक जागरण ने एक ऐतिहासिक मुहिम आरंभ की – ‘हिंदी हैं हम’। इसके अंतर्गत हिंदी में पहली बार वैज्ञानिक तरीके से ‘दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर’ की सूची का प्रकाशन जा रहा है। हिंदी के शीर्ष समाचारपत्र होने के अपने दायित्व को समझते हुए दैनिक जागरण ने हिन्दी में बेस्टसेलर की अवधारणा को प्रारंभ किया था। वर्ष की प्रत्येक तिमाही में ‘दैनिक जागरण हिन्दी बेस्टसेलर’ की घोषणा की जाती है जिसका प्रकाशन दैनिक जागरण के समस्त संस्करणों में होता है। हिंदी बेस्टसेलर को चार श्रेणियों में बांटा जाता है -कथा, कथेतर, कविता और अनुवाद। पाठकों और पुस्तकों के रिश्ते को मजबूत करने और पुस्तकों की जानकारी देने के लिए दैनिक जागरण के इस उपक्रम का हिंदी जगत में व्यापक स्वागत हुआ। बेस्टसेलर सूची के आधार पर तीन पुरस्कार (हिंदी बेस्टसेलर, उत्तम में सर्वोत्तम और नवांकुर) इस वर्ष से दिए जायेंगे।  प्रत्येक श्रेणी में कविता, अनुवाद, कथेतर और कथा विधा में सर्वश्रेष्ठ रही किताबों के लेखकों को सम्मानित किया जाएगा। जिसकी पुरस्कार राशि ₹ 50,000 है।

इन पुरस्कारों की घोषणा करते हुए दैनिक जागरण के ब्रांड एवं स्ट्रेटिजी विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री बसंत राठौड़ ने कहा कि दैनिक जागरण हमेशा ही हिंदी के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हमारा हमेशा प्रयास रहा है कि हिंदी किताबों की दुनिया में हो रहे उत्कृष्ट लेखन को रेखांकित किया जाए। उन लेखकों की सराहना की जाए जिनकी किताबें बेस्टसेलर की सूची में अना स्थान बनाती हैं। इसी संकल्प को ध्यान में रखते हुए हम इस वर्ष से दैनिक जागरण कृति सम्मान आरंभ कर रहे हैं, ताकि हिंदी भाषा में उत्कृष्ट लेखन को बढ़ावा मिले।
गौरतलब है कि इस सम्मान हेतु किसी कृति का प्रस्ताव प्रकाशक, लेखक, संस्था या अन्य कोई भी भेज सकते हैं। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि  7  सितम्बर 2025 है। प्रविष्टि भेजने और नियमों के लिए वेबसाईट (jagranhindi.in) देखें।

श्री नरेंद्र मोहन जी

भारत और भारतीयता में श्री नरेन्द्र मोहन जी की गहरी आस्था थी जो दैनिक जागरण में प्रकाशित उनके लोकप्रिय स्तंभ विचार प्रवाह में लक्षित की जा सकती है। उन्होंने कई पुस्तकों की रचना की जिनमें भारतीय संस्कृति, हिंदुत्व, धर्म और सांप्रदायिकता, आज की राजनीति व भ्रष्टाचार, प्रतिरक्षा और सामरिक नीति प्रमुख हैं। उनमें से कई कृतियों का अंग्रेजी में भी अनुवाद हुआ। पत्रकारिता और समाजसेवा के लिए श्री नरेन्द्र मोहन जी को अनेक पुरस्कार और सम्मान मिले। वर्ष 1996 में वो भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राज्यसभा के सदस्य के तौर पर चुने गए और 2002 तक सदस्य रहे। वो संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति, संसद की दूरसंचार एवं तकनीकी संबंधी समिति के सदस्य रहे। श्री नरेन्द्र मोहन जी को गृह मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति में भी शामिल किया गया था।

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