• ब्लॉग
  • कुलभूषण खरबंदा की ‘आत्मकथा’

    महेश एलकुंचवार लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘आत्मकथा’ का प्रदर्शन इण्डिया हैबिटेट सेंटर में 13 और 14 अगस्त को होने वाला है. एक लेखक के जीवन के अतीत, वर्तमान, भविष्य को उसके जीवन की कुछ प्रमुख घटनाओं के माध्यम से दिखाने का प्रयास इस नाटक में किया गया है. महेश एलकुंचवार ने अपने नाटक ‘पार्टी’ में जिस तरह एक पार्टी के माध्यम से कला-जगत का असली चेहरा दिखया था उसी तरह इस नाटक में उन्होंने एक सफल कलाकार का वास्तविक रूप दिखाने की कोशिश की है.

    प्रसिद्ध लेखक राज्याध्यक्ष अपनी आत्मकथा एक शोधार्थी प्रदान्या को बताता है- किस तरह राज्याध्यक्ष अपनी पत्नी उत्तरा से 30 साल पहले अलग हो थे जब राज्याध्यक्ष का सम्बन्ध अपनी पत्नी की बहन वासंती से हो गया था. राज्याध्यक्ष ने इन घटनाओं को आधार बनाकर एक उपन्यास लिखा है जिसकी बड़ी चर्चा है. सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा होता है कि एक दिन अतीत फिर से उभर कर आ जाता है. चारों पात्र अपने अपने ढंग से उस अतीत की छायाओं का सामना करते हैं.

    नाटक में मुख्या भूमिका में हैं प्रसिद्ध अभिनेता कुलभूषण खरबंदा. नाटक का निर्देशन प्रसिद्ध निर्देशक विनय शर्मा ने किया है. नाटक पदातिक की प्रस्तुति है और पदातिक की सचिव जयश्री मित्रा का कहना है कि यह नाटक कुलभूषण खरबंदा के जीवन के बेहद करीब है या दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि ‘आत्मकथा’ पूरी तरह से कुलभूषण खरबंदा के जीवन पर आधारित है.

    बहरहाल, महेश एलकुंचवार के एक बेहतरीन नाटक को देखने का यह मौका छोड़ना नहीं चाहिए.

    4 thoughts on “कुलभूषण खरबंदा की ‘आत्मकथा’

    1. Thanks for your tips on this blog. Just one thing I would choose to say is always that purchasing electronics items in the Internet is not new. In reality, in the past few years alone, the market for online gadgets has grown significantly. Today, you will find practically any specific electronic tool and other gadgets on the Internet, from cameras and camcorders to computer components and games consoles.

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    महेश एलकुंचवार लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘आत्मकथा’ का प्रदर्शन इण्डिया हैबिटेट सेंटर में 13 और 14 अगस्त को होने वाला है. एक लेखक के जीवन के अतीत, वर्तमान, भविष्य को उसके जीवन की कुछ प्रमुख घटनाओं के माध्यम से दिखाने का प्रयास इस नाटक में किया गया है. महेश एलकुंचवार ने अपने नाटक ‘पार्टी’ में जिस तरह एक पार्टी के माध्यम से कला-जगत का असली चेहरा दिखया था उसी तरह इस नाटक में उन्होंने एक सफल कलाकार का वास्तविक रूप दिखाने की कोशिश की है.

    प्रसिद्ध लेखक राज्याध्यक्ष अपनी आत्मकथा एक शोधार्थी प्रदान्या को बताता है- किस तरह राज्याध्यक्ष अपनी पत्नी उत्तरा से 30 साल पहले अलग हो थे जब राज्याध्यक्ष का सम्बन्ध अपनी पत्नी की बहन वासंती से हो गया था. राज्याध्यक्ष ने इन घटनाओं को आधार बनाकर एक उपन्यास लिखा है जिसकी बड़ी चर्चा है. सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा होता है कि एक दिन अतीत फिर से उभर कर आ जाता है. चारों पात्र अपने अपने ढंग से उस अतीत की छायाओं का सामना करते हैं.

    नाटक में मुख्या भूमिका में हैं प्रसिद्ध अभिनेता कुलभूषण खरबंदा. नाटक का निर्देशन प्रसिद्ध निर्देशक विनय शर्मा ने किया है. नाटक पदातिक की प्रस्तुति है और पदातिक की सचिव जयश्री मित्रा का कहना है कि यह नाटक कुलभूषण खरबंदा के जीवन के बेहद करीब है या दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि ‘आत्मकथा’ पूरी तरह से कुलभूषण खरबंदा के जीवन पर आधारित है.

    बहरहाल, महेश एलकुंचवार के एक बेहतरीन नाटक को देखने का यह मौका छोड़ना नहीं चाहिए.

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    महेश एलकुंचवार लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘आत्मकथा’ का प्रदर्शन इण्डिया हैबिटेट सेंटर में 13 और 14 अगस्त को होने वाला है. एक लेखक के जीवन के अतीत, वर्तमान, भविष्य को उसके जीवन की कुछ प्रमुख घटनाओं के माध्यम से दिखाने का प्रयास इस नाटक में किया गया है. महेश एलकुंचवार ने अपने नाटक ‘पार्टी’ में जिस तरह एक पार्टी के माध्यम से कला-जगत का असली चेहरा दिखया था उसी तरह इस नाटक में उन्होंने एक सफल कलाकार का वास्तविक रूप दिखाने की कोशिश की है.

    प्रसिद्ध लेखक राज्याध्यक्ष अपनी आत्मकथा एक शोधार्थी प्रदान्या को बताता है- किस तरह राज्याध्यक्ष अपनी पत्नी उत्तरा से 30 साल पहले अलग हो थे जब राज्याध्यक्ष का सम्बन्ध अपनी पत्नी की बहन वासंती से हो गया था. राज्याध्यक्ष ने इन घटनाओं को आधार बनाकर एक उपन्यास लिखा है जिसकी बड़ी चर्चा है. सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा होता है कि एक दिन अतीत फिर से उभर कर आ जाता है. चारों पात्र अपने अपने ढंग से उस अतीत की छायाओं का सामना करते हैं.

    नाटक में मुख्या भूमिका में हैं प्रसिद्ध अभिनेता कुलभूषण खरबंदा. नाटक का निर्देशन प्रसिद्ध निर्देशक विनय शर्मा ने किया है. नाटक पदातिक की प्रस्तुति है और पदातिक की सचिव जयश्री मित्रा का कहना है कि यह नाटक कुलभूषण खरबंदा के जीवन के बेहद करीब है या दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि ‘आत्मकथा’ पूरी तरह से कुलभूषण खरबंदा के जीवन पर आधारित है.

    बहरहाल, महेश एलकुंचवार के एक बेहतरीन नाटक को देखने का यह मौका छोड़ना नहीं चाहिए.

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    1 mins
    WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify WPForms Hide Addons WooCommerce ELTA Courier Voucher & Label WooCommerce Product Page Customizer All in One Carousel for WordPress Tshirt Virtual Try on Plugin | WooCommerce WordPress Map Markers – Multipurpose WordPress Plugin Jet – Responsive Megamenu WOOATM- WooCommerce Accordions & Tab Manager Alert and Notification For Elementor WooCommerce POS Multicurrency