महेंद्र मधुकर की कुछ कविताएँ

  महेंद्र मधुकर हिंदी के प्रोफ़ेसर रहे हैं, कवि-गीतकार-उपन्यासकार महेंद्र जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे हैं। आज पहली बार…

वर्तनी: कितनी लचीली, कितनी तनी 

  हिंदी वर्तनी पर यह एक ज़रूरी और बार बार पढ़ा जाने वाला लेख है जिसे कवि-पत्रकार अनुराग अन्वेषी ने…

राही मासूम रज़ा के उपन्यास ‘टोपी शुक्ला’ का एक अंश

  आज राही मासूम रज़ा की पुण्यतिथि है। उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘टोपी शुक्ला’ का एक अंश पढ़िए और उनको याद…

हम अनाप-शनाप क्यों नहीं लिखते?

  प्रदीपिका सारस्वत इन दिनों कुमाऊँ में रह रही हैं। वहीं से उन्होंने डायरीनुमा लिखकर भेजा है। जिसे उन्होंने नाम…

राजुला मालूशाही की कथा: मृणाल पाण्डे

  हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथाएँ लिख रही थीं। यह 28 वीं…

‘चौरी चौरा: विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन’ पुस्तक का अंश

  1922 में आज के ही दिन क्रांतिकारियों ने चौरी चौरा में थाना फूंक दिया था। जिसके बाद महात्मा गांधी…

सेक्स( जेंडर से इतर अर्थों में ), शिव, कामसूत्र और किन्नर समुदाय:

 युवा शोधार्थी प्रियंका नारायण बहुत सामान्य लगने वाले विषयों पर बहुत असामान्य ढंग से लिखती हैं। हिंदी में ऐसे युवा…

प्रियदर्शी ठाकुर ‘ख़याल’ की ग़ज़लें

प्रियदर्शी ठाकुर ख़याल इन दिनों अपने उपन्यासों के कारण चर्चा में हैं लेकिन वे मूलतः ग़ज़लगो रहे हैं। आइए उनकी…

मीरां का कैननाइजेशन

मीरां के समय और समाज एकाग्र पुस्तक ‘पचरंग चोला पहर सखी री’ (2015) का प्रदीप त्रिखा द्वारा अनूदित अंग्रेज़ी संस्करण…

कवि चोर के लव जिहाद की कथा: मृणाल पाण्डे

  चौरपंचाशिका से लेकर उत्तराखंड के लोकगीतों में विस्तृत कथाओं का रस घोल यह कथा तैयार की है जानी मानी…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी