कल जाने-माने समाज चिंतक योगेन्द्र यादव का एक लेख इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ था जो बाल साहित्य के नये…
Category: लेख
ज्ञानरंजन की कहानी ‘बहिर्गमन’: हमारे समय की सबसे गहरी बेचैनी
कल रात हिन्दी की साठोत्तरी कहानी विधा के सबसे मज़बूत स्तंभ रहे ज्ञानरंजन जी का निधन हो गया। उनको याद…
श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास: अधूरे होने की व्यथा
आज हिन्दी के मूर्धन्य लेखक श्रीलाल शुक्ल की जन्म-शताब्दी है। इस अवसर पर यह लेख पढ़िए। लिखा है अंग्रेज़ी के…
इस प्रकार की बहस हो तो माहौल ज़रूर बदलेगा और लोगों का नज़रिया भी!
‘लल्लनटॉप’ पर ‘does god exist’ वाली बहस पर बहुत प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। आज पढ़िए युवा वर्ग की प्रतिक्रिया, लिखा…
आप मुझे देख सकते हैं? मुझे लगा मैं इनविज़िबल हूँ!
आज पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका सुजाता का लेख, जिसमें ‘कला’ फ़िल्म को आधार बनाते हुए उन्होंने स्त्रियों को लेकर समाज के…
बिहार चुनाव वाया ‘महाभोज’
आज बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र मुशर्रफ परवेज़ ने यह दिलचस्प टिप्पणी…
उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन की बिखरती ज़मीन
आज पढ़िए उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति की वर्तमान दशा-दिशा युवा राजनीति विश्लेषक प्रांजल सिंह का यह लेख पढ़िए। दिल्ली…
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म पर अदिति भारद्वाज
युवा लेखिका अदिति भारद्वाज ने फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की एक नज्म ‘मुझ से पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न माँग’…
छठ के बहाने सूर्य की कथा
आज छठ है। शाम के समय डूबते सूर्य को अर्ध्य अर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर बीएचयू में प्राचीन भारतीय…
रविंद्र कुमार का लेख ‘थप्पड़शाही’
रविन्द्र कुमार अमेरिका स्थित ‘ओरेगन विश्वविद्यालय’ के इतिहास विभाग में ‘आधुनिक दक्षिण एशियाई इतिहास’ के शोध छात्र हैं।उन्होंने इस लेख…



