पहलगाम: मेरी डायरी के पन्नों सेApril 27, 2025April 27, 20251 mins0आज पढ़िए प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी के स्तंभ ‘जनहित में जारी सब पर भारी’ की अगली किस्त-…लेख prabhatcontinue Reading..
हिन्दी साहित्य दोहरे संकट से जूझ रहा है: शुभ्रास्थाApril 26, 2025April 26, 20251 mins0हिन्दी लेखकों की वर्तमान दशा-दिशा पर यह टिप्पणी लिखी है संस्कृतिकर्मी-सामाजिक कार्यकर्ता शुभ्रास्था ने, जो अपना राजनीतिक…लेख prabhatcontinue Reading..
ध्वनि सिद्धान्त, जेनेरेटिव एआई और हिन्दी पठन-पाठन का भविष्यApril 20, 2025April 20, 20251 mins0जेनेरेटिव एआइ ने समाज के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रभाव डाला है। चिकित्सा विज्ञान, विधि, फाइनेंस, कला,…लेख prabhatcontinue Reading..
विस्मृत नायक : कुबेरनाथ रायApril 14, 2025April 14, 20251 mins0कुबेरनाथ राय हिन्दी के प्रसिद्ध निबंधकार रहे हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों ‘रस आखेटक’ और ‘प्रिया नीलकंठी’ के…लेख prabhatcontinue Reading..
सिमोन का सवाल: क्या हर स्त्री मां बनना चाहती है?April 5, 20251 mins0कल हम लोगों ने जानकी पुल पर लकी राजीव की एक कहानी पढ़ी ‘शर्बत’ जिसके केंद्र में…लेख prabhatcontinue Reading..
इंसान, तकनीक और रचनात्मकता के बीच संबंधApril 1, 20251 mins0प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी ने अपने कॉलम ‘जनहित में जारी सब पर भारी’ में इस बार स्टूडियो…लेख prabhatcontinue Reading..
‘शुक्ल भी केवल अपने तरह के ही दिखाई पड़ते हैं, शुक्ल की तरह।’March 28, 2025March 28, 20251 mins0लेखक-कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने पर यह टिप्पणी लिखी है अमेरिका प्रवासी प्रसिद्ध अंग्रेज़ी…लेख prabhatcontinue Reading..
बसंत के आग्रह का कवि: पी बी शेलीMarch 17, 20251 mins0महान रोमांटिक कवि पी बी शेली की कविताओं पर यह लेख लिखा है युवा कवि अंचित ने।…लेख prabhatcontinue Reading..
यादों की थिरक: नानी और दिल्ली की कुमाऊँनी होलीMarch 14, 20251 mins0कुमाऊँ की होली ख़ास होती है। जब तक मेरे गुरु मनोहर श्याम जोशी जीवित थे कुमाऊँ की…लेख prabhatcontinue Reading..
नारी तू नारायणी!March 9, 20251 mins0स्मिता सुंदरम एक शिक्षिका, शोधकर्ता और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जो *सस्टेनेबिलिटी, कार्बन डाइऑक्साइड बायो-सीक्वेस्ट्रेशन, और पारंपरिक ज्ञान…लेख prabhatcontinue Reading..